06जेएनडी32: मौसम में छाए स्मॉग के कारण धुंधला दिखाई दे रहा सूरज।
जींद। जिले में एक्यूआई का स्तर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिसके चलते हर व्यक्ति को बीमार होने का डर बना हुआ है। सोमवार को जिले में औसतन 381 एक्यूआई रहा। इसके कारण लोग जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर हो रहे हैं। वाहन चालकों को वाहन चलाते हुए आंखों में जलन और गले में खराश की समस्या आ रही है तो आमजन के साथ-साथ वृद्धों को खांसी व जुकाम बना हुआ है।
इसके चलते स्वास्थ्य की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में स्वास्थ्य अधिकारियों ने आमजन को सावधानियों के साथ-साथ अपने खान-पान का भी ध्यान रखने की सलाह दी है, ताकि जहरीली हवा मानव शरीर पर ज्यादा असर न दिखा सके। पिछले दस दिनों से जींद की हवा जहरीली होने से नागरिक तथा निजी अस्पतालों में सांस व आंखों में जलन के मरीजों की संख्या तीन से चार गुणा बढ़ गई है। पहले जहां सांस के मरीज पांच से दस उपचार के लिए आते थे, वहीं इनकी संख्या 20 से 30 तक पहुंच गई है। इसके अलावा सूखी खांसी, आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी के मरीज भी आ रहे हैं।
नहीं रुक रहे पराली जलाने के मामले
जिले में आए दिन पराली जलाई जा रही है। जिसको लेकर प्रशासनिक अधिकारी लोगों को जागरूक करने के साथ साथ उनके चालान भी कर रहे हैं, लेकिन किसान इस कार्रवाई से पीछे नहीं हट रहे। जिसके चलते अब तक 120 से मामले पराली जलाने के आ चुके हैं। इसके अलावा जिले में निर्माण कार्य भी इस खतरनाक मौसम में चले हुए हैं। इन पर प्रशासनिक अधिकारी भी संज्ञान नहीं ले रहे।
इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए पौष्टिक आहार खाएं
पर्यावरण प्रदूषण के चलते सांस के रोगी उपचार के लिए आ रहे हैं। इस वातावरण में मरीजों को अपना विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। जहां तक हो सके अपने खाने में पौष्टिक चीजों को शामिल करें ताकि इम्युनिटी को बढ़ाया जा सके।
डॉ. राजेश भोला डिप्टी सुपरीडेंट नागरिक अस्पताल।