जींद। हरनामपुरा गांव में एक महिला को दहेज प्रताड़ना के चलते आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश कीर्ति जैन की अदालत ने सास को दोषी करार देते हुए सात साल कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। 29 अगस्त 2019 को थाना सदर नरवाना में सूचना प्राप्त हुई कि थी कि हरनामपुरा निवासी मंजू ने अपनी बेटी के साथ जहरीला पदार्थ का सेवन किया है। पुलिस मौके पर पहुंची तो मंजू व उसकी बच्ची सावनी की मौत हो चुकी थी।
मंजू के चाचा कैथल जिला के गांव जखोली निवासी सुरेश कुमार ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि उनकी भतीजी की शादी गांव हरनामपुरा निवासी मनदीप के साथ हुई थी। शादी के करीब दो महीने बाद मंजू की सास व घर के अन्य सदस्य दहेज के लिए उनकी भतीजी को प्रताड़ित करने लगे। 28 अगस्त 2019 को मंजू ने उसको फोन करके बताया कि आज भी उसके साथ सास, ससुर व ननद ने दहेज की मांग को लेकर मारपीट की है। आए दिन की इस प्रताड़ना से परेशान होकर उसकी भतीजी ने बेटी सावनी के साथ खुद भी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। इससे उन दोनों की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी महिला माया को जांच के दौरान गिरफ्तार करके उसके खिलाफ ठोस साक्ष्य अदालत में पेश किए। इस मामले में सोमवार को अदालत ने सुनवाई करते हुए आरोपी सास माया को दोषी करार देते हुए सात साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।