मौसम के बिगड़े तेवरों से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। शनिवार को एक-दो जगह हल्की फुहार पड़ी लेकिन दिनभर आसमान में तेज हवाओं के साथ बादल इधर से उधर तैरते नजर आए। इस कारण बारिश की संभावना बन रही है। दो दिन से ऐसा ही मौसम चल रहा है। तापमान में गिरावट आने से ठंड का अनुभव भी होने लगा है। इस समय यदि बारिश हुई तो धान, कपास व बाजरा की फसल को नुकसान हो जाएगा, इसी कारण किसान परेशान हैं।
शनिवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री व न्यूनतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आद्रता 97 प्रतिशत व हवा की गति 11 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार 11 सितंबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने के साथ हलकी से मध्यम दर्जे की बारिश होने की संभावना है। शनिवार को दिन का आगाज आकाश में छाये बादलों तथा हलकी फुहारों के साथ हुआ। दिनभर आकाश में बादलों का जमावड़ा लगा रहा तो बीच-बीच में हल्की फुहार भी गिरती रही। मौसम को देखते हुए किसानों ने धान कटाई तथा कढ़ाई का कार्य रोक दिया, साथ ही कपास चुगाई, बाजरा निकालने का कार्य भी प्रभावित हुआ। पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश ने बताया कि 11 अक्तूबर तक आकाश में बादल छाये रहने के साथ हलके से मध्यम दर्जे की बारिश की संभावना है। इससे तापमान में और भी गिरावट आएगी। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वह काटी गई फसलों को संरक्षित कर ले और मौसम को देखते हुए कटाई तथा कढ़ाई के कार्य को रोक दें।