जींद के गांव संडील निवासी पहलवान सुनील उर्फ सेठी बुधवार को फीड मिल नगूरां में अपना काम कर रहे थे। उसी समय उनके पास ग्रामीणों ने फोन किया कि उन्हें गांव का सरपंच बना दिया है। यकीन नहीं हुआ तो उन्होंने फिर अपने घर पर फोन करके पूछा।
घरवालों ने कहा कि ग्रामीण उसे ढूंढते हुए घर आए थे। इसके बाद ही सुनील को यकीन हुआ और वह ग्रामीणों के बीच पहुंचे। सुनील 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं। फिलहाल वे नगूरां गांव में स्थित एक फीड मिल में चालक के तौर पर कार्यरत हैं।
जिले के अंतिम छोर पर बसे संडील गांव में भी हसनपुर के बाद सरपंच पद के लिए पहलवान सुनील उर्फ सेठी के नाम पर सर्वसम्मति बन गई। इसके साथ-साथ गांव में सभी 13 पंच भी निर्विरोध चुने गए। ग्रामीणों के अनुसार पहली बार है कि गांव में सरपंच तथा पंच के पदों पर सर्वसम्मति बनी है।
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ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सरपंच पद के लिए काफी उम्मीदवारों ने नामाकंन भरने के लिए फार्म तैयार किए थे, लेकिन गांव के लोगों को सरपंच पद के लिए एक योग्य उम्मीदवार की जरूरत थी। सुनील उर्फ सेठी पहलवान होने के साथ-साथ पढ़ा लिखे हैं। पहलवान के तौर पर गांव में सुनील उर्फ शेठी का नाम है।
इसीलिए ग्रामीणों ने उन्हें सरपंच पद के लिए सही माना। करीब 1800 मतदाताओं वाले गांव में पंच के पदों पर भी सहमति बन चुकी है। गांव के लोगों ने सर्वसम्मति से यह फैसला देकर भाईचारे का संदेश दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सरपंच के चुनाव के समय आपस में मनमुटाव हो जाते हैं और जो लंबे समय तक चलते रहते हैं। सर्वसम्मति से सरपंच चुन जाने के बाद गांव का भाईचारा कायम रहता है।
21 लाख रुपये दिए विकास के लिए
गांव के व्यवसायी दिलबाग संडील ने कहा कि गांव ने भाईचारे की मिसाल कायम की है। इसलिए वह गांव के विकास के लिए 21 लाख रुपये नई पंचायत को देंगे ताकि वह गांव के विकास में इस पैसे को खर्च कर सकें।
पाजू खुर्द में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निरंजन खर्ब को चुना सरपंच
सफीदों। पाजू खुर्द में निरंजन खर्ब को सर्वसम्मति से गांव का सरपंच चुन लिया है। नामांकन के आखिरी दिन निरंजन खर्ब के मुकाबले कोई आवेदन नहीं भरा गया। मुकाबले में कोई फार्म ना आने पर उसे सर्वसम्मति से सरपंच घोषित कर दिया गया। निरंजन खर्ब 12वीं कक्षा पास है तथा खेड़ीबाड़ी करतें है। उनका कहना है कि वे गांव में स्टेडियम बनवाने का प्रयास करेंगे। इसके अलावा गलियों को दुरुस्त करवाना, पीने के पानी की समस्या को भी हल करवाना, स्वास्थ्य सेवाओं शिक्षा को सुदृढ़ करवाना उनकी प्राथमिकता रहेगी।
कर्मगढ़ गांव में मुकेश चुनी गईं सर्वसम्मति से सरंपच
नरवाना। गांव कर्मगढ़ में पहली बार सरपंच समेत 11 वार्डों के पंचों पर सर्वसम्मति बन गई। गांव से केवल मुकेश रानी का ही नामांकन करवाया गया। मुकेश रानी कक्षा 12वीं तक पढ़ी है। गांव कर्मगढ़ में कुल मतदाताओं की की संख्या 2200 है। उन्होंने कहा कि अपने गांव के विकास के लिए कार्य किए जाएंगे, जिसमें लड़कियों के लिए 10वीं के स्कूल को अपग्रेड करवाकर 12वीं तक का करवाया जाएगा।
गांव मेें गरीब लोगों के लिए पंचायत द्वारा इंदिरा आवास योजना के तहत कॉलोनी बनवाई जाएगी। शराब के ठेकों को गांव से बाहर किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी को नशे से बचाया जाए। गांव के गंदे पानी को एकत्रित करके उसकी खेतों में सिंचाई के सप्लाई की जाएगी।