जींद। प्रदेश सरकार में पंचायत मंत्री रहे देवेंद्र बबली के आपत्तिजनक बयान से भड़के सरपंचों ने विरोध शुरू कर दिया है। सरपंचों ने बैठक कर एलान किया है कि जो भी पार्टी बबली को टिकट देगी उसका विरोध किया जाएगा।
हरियाणा सरपंच एसोसिएशन की शुक्रवार को जाट धर्मशाला में राज्यस्तरीय बैठक हुई। सरपंच एसोसिएशन के राज्यप्रधान रणबीर समैण ने कहा कि भाजपा सरकार में पंचायत मंत्री रह चुके देवेंद्र बबली ने सरपंचों को गाली देकर उनके स्वाभिमान को जो चोट पहुंचाई है, उसे भूला नहीं जा सकता है। सरपंचों ने देवेंद्र बबली पर प्रदेश में तालाबों के हुए टेंडर में गबन के आरोप भी लगाए। कहा कि हरियाणा के चंद सरपंचों को छोड़कर हर कोई पूर्व मंत्री से खफा है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि जो भी पार्टी देवेंद्र बबली को टिकट देगी उसका विरोध होगा।
पूर्व मांगें पूरी करने के लिए सात जुलाई तक का अल्टीमेटम
रणबीर समैण ने कहा सरपंचों के अधिकारों को भाजपा सरकार ने ग्रहण लगाने का काम किया है। प्रदेश में नायब सिंह सैनी ने नई जिम्मेदारी संभाली है। इसलिए सरपंचों की मांगों को सिरे चढ़ाने के लिए सरकार को 7 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया गया है। अगर उनकी मांगें सिरे नहीं चढ़ीं तो भाजपा सरकार को लोकसभा की तरह विधानसभा में भी सरपंचों का विरोध झेलना पड़ेगा। इस अवसर पर जिला प्रधान सुधीर बुआना, किशन सिंह जांबा, रविंद्र, मंजीत अंबाला, प्रवीन रेवाड़ी, जगबीर रोहतक, राकेश सोनीपत, नरेश पलवल, मंजीत सुलचानी मौजूद रहे।
यह हैं सरपंचों की प्रमुख मांगें
-सरपंचों पर लागू राइट टू रिकॉल कानून वापस लिया जाए
-विधायकों का पंचायत में हस्तक्षेप खत्म होना चाहिए
-73वें संविधान में पंचायतों को दिए गए अधिकार तुरंत लागू होने चाहिए