जींद। जाट धर्मशाला में सोमवार को सरपंच एसोसिएशन की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सरपंच एसोसिएशन की तरफ से कहा गया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा-जजपा के किसी भी प्रत्याशी वोट के लिए गांवों में नहीं घुसने दिया जाएगा। गांव के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर यदि भाजपा-जजपा प्रत्याशी पहुंचे तो उनको हाथ पकड़कर गांव से बाहर निकाला जाएगा। पांच नवंबर को टोहाना में सरपंचों की राज्य स्तरीय रैली होगी, उसमें कई प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
सरपंच एसोसिएशन जींद के प्रधान सुधीर बुआना ने कहा कि सरकार सरपंचों को कमजोर समझ रही है। गांव-देहात को लूटा जा रहा है। सरकार की अमृत सरोवर योजना व जल जीवन मिशन योजना, ऐसी योजना हैं, जो पैसे लूटने के लिए बनाई गई हैं। प्रदेशभर में सवा छह हजार सरपंच हैं। सभी सरपंचों को दस लोकसभा क्षेत्रों में बांटा जाएगा। 625 सरपंचों को एक लोकसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दी जाएगी। जब भी भाजपा-जजपा का कोई भी लोकसभा प्रत्याशी वोट मांगने के लिए गांव-देहात में आएगा तो उसे गांव से बाहर खदेड़ा जाएगा। गांव-देहात के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर भाजपा-जजपा प्रत्याशियों के घुसने नहीं दिया जाएगा। उनका हाथ पकड़कर उनको चलता किया जाएगा। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणबीर समैण ने कहा कि गांव-गांव में जाकर लोगों को इस सरकार की जनविरोधी नीतियों से अवगत करवाया जाएगा। पांच नवंबर को टोहाना में सरपंचों की बड़ी रैली होगी। उस रैली में भी भाजपा-जजपा के खिलाफ अनेक प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।
प्रस्ताव दिए लेकिन आज तक नहीं हुए कार्य
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रणबीर समैण ने कहा कि यह सरकार गांव-देहात को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सरपंचाें ने अनेक प्रस्ताव पारित करके सरकार को भेजे, लेकिन एक भी प्रस्ताव का एस्टीमेट नहीं बना, एक भी प्रस्ताव पर कार्य नहीं हुआ। भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार गांव-देहात को खत्म करने पर तुली है, जो किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
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