जींद। ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकॉल के विरोध में सरपंचों ने वीरवार को बीडीपीओ कार्यालय के बाहर धरना दिया और सरकार के खिलाफ रोष जताया। कार्रवाई रजिस्टर लेकर पहुंचे सरपंचों ने काम नहीं करने का आह्वान किया। इस दौरान तय किया गया कि शुक्रवार को बीडीपीओ कार्यालय के बाहर सरकार का पुतला जलाया जाएगा। वहीं माजरा खाप ने धरनास्थल पर पहुंच कर सरपंचों के आंदोलन को समर्थन दिया।
सरपंचों ने ऐलान किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तब तक भाजपा और जजपा के मंत्री, विधायक या दूसरे किसी भी बड़े नेता को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। जींद ब्लॉक सरपंच एसोसिएशन की प्रधान प्रीति मनोहरपुर, प्रतिनिधि विनोद, रूपगढ़ के सरपंच दीपक, पंच विक्रम, बिशनपुरा ब्लॉक समिति सदस्य सुनील, रामराय से हितेंद्र, कैरखेड़ी से सतीश, बड़ौदी से अजीत, मांडो खेड़ी से अनिल लाठर आदि ने बताया कि सरकार ई-टेंडरिंग का अपना फैसला वापस ले। राइट टू रिकॉल का नियम रद्द करे और सरपंचों को 30 लाख रुपये तक के कार्य कराने का अधिकार दे। प्रीति ने कहा कि गुरुवार को सभी सरपंच अपना कार्रवाई रजिस्टर लेकर धरने पर पहुंचे थे। वहीं जुलाना में सरपंचों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द मांगें पूरी नहीं हुई तो सरपंच अपने पदों से इस्तीफा देंगे। सरकार सरपंचों को 30 लाख रुपये विकास कार्य करने का अधिकार दे।
नरवाना : नरवाना और उझाना खंड के सरपंचों ने लघु सचिवालय में वीरवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। इस दौरान जिला पार्षद के प्रतिनिधि रंगीराम धमतान ने समर्थन देते हुए कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती तब तक धरना जारी रहेगा। किसान मजदूर मोर्चा के मा. बलबीर सिंह ने सरपंचों को समर्थन देने का आश्वासन दिया। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान प्रवीण गुरुसर ने कहा कि जब तक यह ई-टेंडरिंग का मामला सुलझ नहीं जाता तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे। कहा कि प्रतिदिन हलका के 19 सरपंच धरने में शामिल होंगे।
विधायक गांगोली ने दिया धरने को समर्थन
सफीदों के विधायक सुभाष गांगोली ने नगर के बीडीपीओ कार्यालय में चल रहे सरपंचों के धरने को समर्थन दिया। उन्होंने सरपंचों की मांगों को जायज ठहराया। सरपंच एसोसिएशन सफीदों के अध्यक्ष निरवैल सिंह ने विधायक का आभार व्यक्त किया। वहीं सरपंचों ने अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर रोष व्यक्त किया। विधायक सुभाष गांगोली ने कहा कि कांग्रेस शासन में सरपंचों को विस्तृत अधिकार दिए गए थे और अब भाजपा सरकार उनके अधिकारों को छीनने का काम कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार सरपंचों के प्रति अपनी टिप्पणी के लिए सरपंचों से माफी मांगे। कहा कि वह खुद और पूरी कांग्रेस सरपंचों के साथ खड़ी है।
भाकियू नेता बोले, सरपंचों की मांगें जायज
जुलाना। बीडीपीओ कार्यालय में चार दिन से चल रहे धरने का भारतीय किसान यूनियन ने समर्थन किया। भारतीय किसान यूनियन के उपाध्यक्ष नरेंद्र ढांडा और खंड प्रधान पवन करसोला वीरवार को धरना स्थल पर पहुंचे और सरपंचों का समर्थन किया। नरेंद्र ढांडा ने कहा कि सरकार सरपंचों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। सरकार बेतुका शर्तें लगाकर विकास में बाधा पैदा कर रही है और विकास के नाम का ढिंढोरा पीट रही है। जबकि सरकार पूंजीपतियों को फायदा पहुंचा रही है। कहा कि सरकार राइट टू रिकॉल को एमएलए और एमपी पर लागू करे और सरपंचों को समानता का अधिकार दे। इस अवसर पर खंड प्रधान प्रतिनिधि सुधीर बुआना, कुलदीप, अनिल, राजकुमार मौजूद रहे।