बारिश हॊने पर भीगने से बचाने के लिए ढगी गई कपास के ढेरी।
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दो दिन से हो रही बूंदाबांदी के कारण मंडी में कपास, धान की बोली नहीं हुई। बूंदाबांदी के चलते किसान फसल बेचने के लिए फसल को लेकर मंडी नहीं आए। जो किसान फसल लेकर मंडी आए थे, उन्होंने अपनी फसलों को शेडों के नीचे फड़ पर डाला ताकि बूंदाबांदी में फसल न भीगे। जिन किसानों की फसल खुले में थी, उन किसानों ने तिरपाल ढक कर फसल को बूंदाबांदी से बचाया। किसान बलजीत, रामस्वरूप, सुभाष ने कहा कि दो दिन बारिश का मौसम था। ऐसे में फसल बेचने के लिए किसान मंडी नहीं आ रहे है। आढ़तियों से फसल की बोली होगी या नहीं इसका पता करके किसान आते हैं। जिन किसानों ने अपनी फसल मंडी में डाली हुई है, वह दो दिन से मंडी में ही रुकने को मजबूर हैं। मार्केट कमेटी सचिव जोगिंद्र पैंसिया ने बताया कि दो दिन से बूंदाबांदी के चलते बहुत कम किसान फसल मंडी में लेकर आए हैं। दो दिन से फसल की खरीद प्रभावित हुई है।