21जेएनडी17: मांगों को लेकर डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन करते हुए ग्रामीण सफाई कर्मी। संवाद
जींद। ग्रामीण सफाई कर्मियों ने मंगलवार को रोके गए मानदेय को जारी करवाने, विधान सभा में पॉलिसी बनाकर ग्रामीण सफाई कर्मियों को पक्का करने सहित अन्य मांगों को लेकर डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीण सफाई कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन से पहले ग्रामीण सफाई कर्मियों को संबोधित करते हुए जिला प्रधान कृष्ण मोरखी व कृष्ण ने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले 43 दिन से हड़ताल पर हैं लेकिन सरकार उनकी मांगों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि 18 नवंबर को यूनियन की रोहतक में राज्य स्तरीय कन्वेंशन हुई थी, इसमें सर्वसम्मति से हड़ताल को एक दिसंबर तक बढ़ाने व 28 व 29 नवंबर को पंचकूला में 24 घंटे का महापड़ाव डालने का फैसला लिया गया है। उन्होंने मांग की कि विधानसभा में पॉलिसी बना कर सफाई कर्मियों को पक्का किया जाए। सभी ग्रामीण सफाई कर्मियों को बीडीपीओ के पे-रोल पर लिया जाए। सभी सफाई कर्मियों के लिए 26 हजार रुपये मासिक न्यूनतम वेतन लागू किया जाए। दो हजार की बजाए 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की स्थायी नियुक्ति करते हुए सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए।
पांच-छह गांवों के जोन बना कर ग्रामीण सफाई कर्मियों में से पढ़े लिखे कर्मियों को सफाई सुपरवाइजर लगाया जाए। डोर टू डोर के कर्मियों को ग्रामीण सफाई कर्मियों के बराबर वेतन व वर्दी भत्ता दिया जाए। 500 रुपये मासिक काम के औजारों का भत्ता तय किया जाए। 500 रुपये मासिक वर्दी धुलाई भत्ता लागू किया जाए। इस अवसर पर पवन कुमार, राजेंद्र ढांडा खेड़ी, गुलाब बिरौली, संजय बुआना, कृष्ण, सुनीता, मुकेश, सुभाष, राजबाला, नीलम, मुकेश मौजूद थी।