संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। बरवाला रूट पर निजी बसों के चक्कर बढ़ाने और रोडवेज बसों को घटाने पर रोडवेज के अधिकारियों ने आपत्ति जताई है। इसको लेकर इस रूट पर डीटीओ कार्यालय के कर्मचारियों की ओर से बनाई गई समयसारिणी को रोडवेज अधिकारियों ने नकार दिया है।
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि नई समय सारिणी के अनुसार निजी बसों को फायदा होगा जबकि रोडवेज को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। हालांकि पिछले दिनों रोडवेज और डीटीओ कार्यालय कर्मचारियों के बीच इसको लेकर बैठक हुई थी और उसमें दोनों के बीच सहमति बनी थी। रोडवेज ने जो समय मांगे थे, वह समय उन्हें दे दिए गए थे। ऐसे में रोडवेज द्वारा समय सारिणी को लेकर आपत्ति जताना गलत है। ऐसे में रोडवेज अधिकारियों की ओर से आपत्ति जताई जाने के बाद समय सारिणी को लेकर दोबारा से बैठक हो सकती है। जींद डिपो में पिछले दिनों 34 नई बसें आई हैं, जो हरिद्वार, चंडीगढ़ व दिल्ली जैसे लंबे रूटों पर चलाई जा रही हैं।
हिसार, बरवाला, असंध, नरवाना व गोहाना रूट पर 162 प्राइवेट बसों का संचालन होता है, जिसमें से 12 बसें बरवाला रूट पर चलती हैं जबकि बरवाला रूट पर केवल दो रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। जो दिनभर में छह चक्कर लगाती हैं। प्राइवेट बसों में चालक व परिचालक द्वारा बुरा व्यवहार करने की शिकायतें आती हैं। यात्रियों को बस में बैठाने की जल्दी के चक्कर में प्राइवेट बस संचालक तेज गति से बस चलाते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना होने का डर बना रहता है। ऐसे में रोडवेज अधिकारियों ने बरवाला रूट पर रोडवेज बसों की संख्या बढ़ाने को लेकर पिछले दिनों डीटीओ कार्यालय के कर्मचारियों के साथ बैठक की थी। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि डीटीओ ने समय सारिणी इस प्रकार बनाई है कि जिससे बरवाला रूट पर प्राइवेट बसों को प्राथमिकता दी गई है और रोडवेज बसों के चक्कर कम लग पाएंगे।
वर्जन
रोडवेज और डीटीओ कार्यालय के कर्मचारियों के बीच पिछले दिनों बरवाला रूट की समय सारिणी को लेकर बैठक हुई थी। इसमें रोडवेज ने बरवाला रूट पर समय सारिणी को लेकर सहमति जताई थी। अब रोडवेज अधिकारी समय सारिणी को लेकर आपत्ति जता रहे हैं तो इसके बारे में उनसे बातचीत की जाएगी। -संजीव कौशिक वाहन निरीक्षक।