19जेएनडी36: मलिक को उसका सामान सौंपते हुए बस चालक व परिचालक। संवाद
नरवाना। ईमानदारी अभी जिंदा है, जिसको चंडीगढ़ डिपो में कार्यरत परिचालक सी-16 व चालक मदन डी- 329 ने चरितार्थ किया है। परिचालक प्रवीण कार्यरत डिपो चंडीगढ़ ने बताया कि वे चंडीगढ़ से हिसार रूट वाली बस पर थे तो किसी यात्री की बैग बस में छूट गया।
उन्होंने बताया कि 18 दिसंबर शाम को ड्यूटी समाप्त करके बस को वर्कशॉप में खड़ी करते समय उनकी नजर बस में पड़े बैग पर पड़ी। जब उन्होंने बैग खोलकर देखा तो उस में लाखों रुपये के सोने व चांदी के गहने मिले। परिचालक ने बैग की तलाशी ली तो उसमें मोबाइल नंबर मिला और उस बैग में मिले मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। बस स्टैंड पर पहुंचने पर यात्री नरवाना निवासी दीपक ने बताया में चालक मदन व परिचालक प्रवीण की ईमानदारी के लाखों रुपये के सोने व चांदी के गहने उन्हें दोबारा मिल सके। यात्री दीपक ने बताया कि आज भी ईमानदारी जिंदा है जो रोडवेज कर्मचारी प्रवीण चरितार्थ किया है। वहीं रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के सदस्य रामनिवास खरक भूरा ने बताया कि यात्री को फोन कर उसका सामान वापस लौटा कर रोडवेज कर्मचारियों ने ईमानदारी का परिचय दिया है। ईमानदारी के कारण परिवहन विभाग का जनता में विश्वास बना हुआ है।