जींद। किसानों के 13 फरवरी को दिल्ली कूच के एलान के चलते पंजाब की तरफ जाने वाली रोडवेज बसों को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया है। दिल्ली-संगरूर नेशनल हाईवे पर हरियाणा-पंजाब के दातासिंह वाला गांव के पास बॉर्डर को सील करने से यह स्थिति पैदा हुई है।
बॉर्डर सील होने से खनौरी, पातड़ां, समाना, पटियाला, संगरूर, लुधियाना, जालंधर रूट ठप हो गए हैं। इसके अलावा जींद से चंडीगढ़ जाने वाली बसों को भी कैथल से चीका, पटियाला के रास्ते भेजा जा रहा है, क्योंकि चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर अंबाला के पास बार्डर को सील किया गया है, इसलिए यह रूट भी बुरी तरह से प्रभावित हो गया है। इससे वाहन चालकों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से जिले में इंटरनेट सेवा भी 13 फरवरी रात 12 बजे तक बंद कर दी गई है। इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इस कारण लोगों को ट्रैफिक के बारे में अपडेट नहीं मिल पा रही है।
रोडवेज डिपो जींद से लुधियाना, अमृतसर, संगरूर, खनौरी, पातड़ां की तरफ सात-आठ बसें जाती हैं। वहीं पंजाब से भी पीआरटीसी की दिल्ली जाने के लिए 15 से ज्यादा बसें आती-जाती हैं। किसान आंदोलन की सामान्य स्थिति होने के बाद ही इन बसों का फिर से चलाया जा सकता है।
पुलिस मुलाजिमों को ले जाने के लिए 25 बसों को रिजर्व रखा
किसान आंदोलन के चलते जिला प्रशासन ने रोडवेज की 25 बसों को पुलिस लाइन में खड़ी करवा दिया है। यह बसें रिजर्व रखी गई हैं। जब भी पुलिस मुलाजिमों को ले जाने की जरूरत पड़ेगी तो इन बसों की मदद ली जाएगी। किलोमीटर स्कीम वाली बसों को छोड़कर जींद डिपो में 175 बसें हैं। रिजर्व में रखी गईं 25 बसों की वजह से ग्रामीण रूट प्रभावित हो रहे हैं। इससे ग्रामीणों को परिवहन सुविधा मुहैया नहीं हो पा रही है। वहीं शहर के शिक्षण संस्थानों में आने वाले विद्यार्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज बस मुहैया नहीं होने से वह समय पर अपने शिक्षण संस्थानों में नहीं पहुंच पा रहा हैं।
पंजाब की तरफ जाने वाली बसों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। जो भी रूट सही हैं उन पर बसों को नियमित रूप से चलाया जा रहा है। पंजाब जाने वाले यात्रियों को परेशान होना स्वाभाविक है। -कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, जींद।
12जेएनडी10-बस अड्डे पर खड़ी रोडवेज बसें, जिनको पंजाब की तरफ जाने से रोक दिया है। संवाद