बारिश के बाद लबालब सड़क से गुजरते वाहन। संवाद
जींद/नरवाना। भाद्रपद के पहले दिन हुई जोरदार बारिश से सड़क और गलियां जलमग्न हो गई। जलराव से लोगों को परेशानी हुई। फसलों के लिएब बारिश फायदेमंद रही। नरवाना में 15, उचाना में 7 पिल्लूखेड़ा में 5, सफीदों में एक बारिश हुई। जुलाना में बूंदाबांदी हुई । जींद में छाए घने बादल बिना बरसे ही चले गए।
मंगलवार दोपहर बाद अचानक मौसम सुहावना हो गया। आसमान में घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर बाद लगभग आधा घंटा तक जोरदार बारिश हुई। बारिश के बाद शहर की सड़कें और गलियां पानी से लबालब हो गई। पानी भरने से राहगीरों को आने-जाने में भी काफी परेशानियों को सामना करना पड़ा। शहर में कई जगह सीवर ओवरफ्लो हो गए। कई जगह मकानों के अंदर पानी घुस गया। शहरवासियों को कहना था कि सभी नेता सीवरेज समस्या का समाधान करवाने के लिए बड़े-बड़े वादे तो करते है लेकिन करते कुछ नहीं। सीवरेज समस्या से डेंगू जैसी बीमारियां होने का खतरा बना रहेगा।
खरीफ की फसलों को होगा फायदा
नरवाना और उचाना क्षेत्र में हुई बारिश से खरीफ की फसलों को काफी फायदा होगा। इन क्षेत्रों में नरमा और बाजरे की भी फसल उगाई जाती है। इन फसलों में फिलहाल पानी की जरूरत थी। वहीं धान की फसल भी बिना पानी के सूख रही थी। अब बारिश से फसलों में पानी की पूर्ति होगी वहीं किसानों को भी बार-बार फसलों में पानी देने से कुछ राहत मिली है। हालांकि इस बार जिले में मुसलाधार बारिश नहीं हुई है, जिससे फसलों को पानी की बेहद जरूरत थी।
अगले कुछ दिनों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है। मंगलवार को नरवाना में 15, चाना में सात एमएम, पिल्लूखेड़ा में पांच, सफीदों में एक, जुलाना में बूंदाबांदी हुई है। -डॉ. राजेश, मौसम वैज्ञानिक, पांडु-पिंडारा