बजट बैठक में भाग लेते पार्षद व अधिकारी। संवाद
जींद। नगर परिषद की वीरवार को हुई बजट बैठक में पिछले वर्ष की तुलना में आय तथा खर्च अधिक होने का बजट पेश किया गया। बैठक की अध्यक्षता चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी ने की जबकि नगरायुक्त सुरेंद्र बैनिवाल भी बैठक में शामिल हुए। नगर परिषद की तरफ से पेश किए गए बजट में वित्त वर्ष 2023-24 में 77 करोड़ 36 लाख 76 हजार रुपये आमदनी होने और 59 करोड़ 76 लाख 67 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान जताया गया। इनमें कर्मचारियों का वेतन, कार्यालय में नए फर्नीचर, स्ट्रीट लाइट की मरम्मत समेत अन्य कार्यों पर 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिछले साल नगर परिषद ने अपनी आमदनी से केवल 50 लाख रुपये ही गली व सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्तावित किए थे। वहीं इस बार 10 करोड़ रुपये गली व सड़कों के निर्माण के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।
पिछले वर्ष नगर परिषद ने 52 करोड़ एक लाख दो हजार रुपये आमदनी का लक्ष्य रखा था, जिसकी एवज में 57 करोड़ 11 लाख 60 हजार रुपये की आमदनी हुई। वहीं 43 करोड़ तीन लाख 60 हजार रुपये कर्मचारियों के वेतन, कार्यालय व अन्य कार्यों पर खर्च होने का अनुमान जताया था। अनुमान से करीब छह करोड़ कम यानि 37 करोड़ 16 लाख 60 हजार रुपये राशि खर्च हुई। इस बार बजट में केंद्र व राज्य सरकार की तरफ से मिलने वाली ग्रांट को भी शामिल किया गया है। इस कारण बजट राशि में बढ़ोतरी हुई है। लेखाधिकारी सुरेंद्र ने बैठक में बजट पढ़कर सुनाया। वहीं कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार ने बजट को लेकर पार्षदों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया। बैठक में 31 में 30 पार्षदों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर एमई अमित कुमार, अकाउंटेंट अशोक सैनी उपस्थित रहे।
प्रॉपर्टी टैक्स से पांच करोड़ 88 लाख रुपये की आमदनी का लक्ष्य
नगर परिषद ने पिछले साल तीन करोड़ 77 लाख 27 हजार रुपये प्रॉपर्टी टैक्स से आमदनी का लक्ष्य रखा था। सरकार द्वारा बकाया प्रॉपर्टी टैक्स के ब्याज में छूट दिए जाने के कारण दो करोड़ चार लाख 61 हजार रुपये ही जमा हो पाया। इस बार प्रॉपर्टी टैक्स की आमदनी का लक्ष्य बढ़ाकर पांच करोड़ 88 लाख रुपये कर दिया।
विकास नहीं होने का उठाया मुद्दा
पार्षदों ने आम सभा की बैठक में पास हुए प्रस्तावों पर काम शुरू नहीं होने का मामला उठाया। पार्षदों ने कहा कि करोड़ों रुपये की राशि नगर परिषद के पास है, इसके बावजूद काम शुरू नहीं हुए हैं। ऐसे में लोग उनके सवाल पूछ रहे हैं। नगरायुक्त ने कहा कि 20 करोड़ रुपये के कार्यों के टेंडर लग चुके हैं तथा जल्द ही 20 करोड़ रुपये के अन्य कार्यों के टेंडर भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा पार्षदों ने स्ट्रीट लाइट खराब होने, घरों के आगे बोर्ड नहीं लगने, प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां ठीक नहीं होने के भी सवाल उठाए।