जींद। विद्यार्थियों को शिक्षा में बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारी अब प्रत्येक महीने राजकीय स्कूलों का दौरा कर विद्यार्थियों के शिक्षा स्तर का आकलन करेंगे। एफएलएन (मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता) के तहत प्राथमिक कक्षाओं का निरीक्षण करना होगा। इसमें एबीआरसी और बीआरपी को पहले से तीसरी कक्षा तक के सात स्कूल और कुल 16 कक्षाओं का निरीक्षण करना है। इस निरीक्षण के दौरान विद्यार्थियों का अवलोकन किया जाएगा।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद हरियाणा ने प्रत्येक माह के स्कूल व कक्षाएं निर्धारित की हैं। निरीक्षण की जानकारी निपुण मेंटर एप पर अपडेट करनी होगी। इस दौरान स्कूलों की कक्षाओं में विद्यार्थियों का मूल्यांकन करके अच्छा व कम प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों की तुलना करनी होगी। अधिक सीखने वाले और कम सीखने वाले विद्यार्थियों में किस कारण से शिक्षा की कमी हुई है। इसको दूर करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसमें कारण बताना होगा कि विद्यार्थियों ने कम क्यों सीखा। विद्यार्थियों की समस्या का अधिकारियों को मौके पर ही दूर करना होगा। इसमें एबीआरसी व बीआरपी के अलावा डायट प्रिंसिपल व फैकल्टी के अलावा सक्षम सहयोगी के लिए भी स्कूल और कक्षाओं की विजिट निर्धारित की हैं। डायट प्रिंसिपल व फैकल्टी को छठी से लेकर आठवीं कक्षा के तीन स्कूलों की नौ कक्षाओं की विजिट करनी है। वहीं सक्षम सहयोगी को चौथी और पांचवीं कक्षा के एक स्कूल की दो कक्षा और छठी से लेकर आठवीं तक के दो स्कूल की चार कक्षाओं की विजिट करनी होगी। एबीआरसी और बीआरपी को चौथी से पांचवी कक्षा के दो स्कूल की चार कक्षा और छठी से लेकर आठवीं तक के चार स्कूलों की आठ कक्षाओं की विजिट करनी होगी।
एफएलएन के तहत स्कूलों में विजिट करने विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने में आ रही कमियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। एबीआरसी व बीआरपी के साथ सक्षम सहयोगी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को दी जा रही शिक्षा की जांच पड़ताल करेंगे। विद्यार्थियों को जो विषय समझ नहीं आ रहे हैं। उनकी कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
-राजेश वशिष्ठ, जिला कोऑर्डिनेटर, एफएलएन।