जींद। इंटरनेट बंद होने के कारण आमजन को ही नहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के राशन डिपोधारकों और उपभोक्ताओं को भी दिक्कत हो रही है। राशन डिपो पर नेट की कोई वैकल्पिक व्यवस्था विभाग नहीं होने से राशन का वितरण नहीं हो पा रहा है।
राशन डिपो पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग पिछले एक सप्ताह से बाजरा वितरण करने के लिए सप्लाई कर रहा है, लेकिन नेट बंद होने की वजह से इसके अलावा गेहूं, चीनी व सरसों के तेल का वितरण नहीं हो पा रहा है। उपभोक्ता डिपो का चक्कर काटकर लौट रहे हैं। जिले में दो लाख 30 हजार के आसपास खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के उपभोक्ता हैं। इनका गुजारा हर महीने मिलने वाले राशन पर ही अधिकतर निर्भर है। इन उपभोक्ताओं को 545 राशन डिपो के माध्यम से राशन बांटा जाता है। राशन डिपो संचालकों को राशन वितरण के लिए अंगूठा लगाने के लिए दी गई ओपीएस मशीन सिम के सहारे चलती है, लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण यह बंद हैं। किसान आंदोलन के चलते 11 फरवरी से सरकार ने इंटरनेट बंद कर दिया है। इस मशीन के माध्यम से राशन लेने वाले का अंगूठा लगाया जाता है। उसका रिकॉर्ड आगे दर्ज हो जाता है। इसके बाद ही राशन दिया जाता है, लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण ओपीएस मशीनों पर अंगूठे नहीं लग पा रहे हैं। वह राशन नहीं देने में असमर्थ हैं।
राशन डिपो पर नहीं ब्रॉडबैंड कनेक्शन की व्यवस्था
डिपो पर विभाग ने ब्राडबैंड कनेक्शन की कोई व्यवस्था नहीं की है। इसके चलते डिपोधारक मोबाइल के वाईफाई से ही मशीनों को कनेक्ट कर चला रहे थे, लेकिन अब इंटरनेट बंद होने के कारण राशन वितरण की कोई व्यवस्था डिपो पर नहीं बन पा रही। डिपोधारक मदनलाल ने कहा कि विभाग को डिपो पर इंटरनेट की व्यवस्था करनी चाहिए।
इंटरनेट बंद होने से हुई दिक्कत
प्रदेश में आंदोलन के कारण सरकार ने इंटरनेट बंद किया है। इसी कारण राशन डिपो समेत अन्य सभी कार्य बाधित हुए हैं। एक-दो दिन में इंटरनेट सेवा बहाल हो जाएगी। जिसके बाद उपभोक्ताओं को राशन उपलब्ध करवा दिया जाएगा। बीते महीने का राशन वितरण करवा दिया गया था। अब इस महीने का राशन डिपो पर पहुंचाया जा रहा है। नेट चालू होने के बाद राशन वितरित करवा दिया जाएगा। -निशांत राठी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी।
14जेएनडी15: रोहतक रोड स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग कार्यालय का फोटो। फाइल फोटो।