जींद। परिवार पहचान पत्र के आधार पर जिले में 58760 लोगों के नए बीपीएल सूची में नाम आए हैं। इन सभी लोगों को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की तरफ से राशन कार्ड बनाकर राशन मिलना शुरू हो गया है। इसके अलावा परिवार पहचान पत्र को आधार मानकर 36862 लोगों के राशन कार्ड काटे गए हैं। यह लोग पीपीपी के नियमानुसार राशन लेने के पात्र नहीं थे।
पीपीपी में आमदनी के हिसाब से राशन कार्डों बनाने पर जिले में राशन कार्डों की संख्या बढकर 170502 हुई है, जबकि इससे पहले जिले में राशन कार्डों की संख्या 150127 थी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जनवरी माह में पीपीपी के आधार पर बनाए गए राशन कार्डों की संख्या पर ही राशन की एलोकेशन जारी की गई है। इस बार लगभग 1800 कं्िवटल गेहूं की एलोकेशन जारी की है। विभाग ने ओपीएच राशन कार्डों को खत्म कर इनको बीपीएल में शामिल किया है। इसके अलावा ओपीएच के कुछ राशन कार्डों को खत्म कर दिया गया। इस बार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को निशुल्क राशन वितरित किया जाएगा।
यह राशन प्रदेश सरकार की तरफ से मिलने वाला है। प्रधानमंत्री की तरफ से मिलने वाले राशन को बंद कर दिया गया। हरियाणा सरकार द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत चावल 3 रुपये प्रति किलो, गेहूं दो रुपये प्रति किलो व बाजरा एक रुपये प्रति किलो की दर से लाभार्थियों को वितरण किया जा रहा था। अब केंद्र सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है कि जनवरी 2023 से दिसंबर 2023 तक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जारी राशन फ्री दिया जाएगा। इस योजना में शामिल पात्र परिवारों/लाभार्थियों को अब राशन डिपों में गेहूं नि:शुल्क वितरित की जाएगी।
इस बार पीपीपी के आधार पर जिले में राशन कार्डों की संख्या बढ़ी है। अब जिले में राशन कार्डों की संख्या बढकर 170502 हुई है, जबकि इससे पहले जिले में राशन कार्डों की संख्या 150127 थी। जिला में पीपीपी के आधार पर गलत लाभ ले रहे लोगों के कटे 38682 राशन कार्ड, नए 58760 लोगों को मिला लाभ है।
-निशांत राठी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी जींद।