04जेएनडी33: मंदिर में कथा सुनते हुए श्रद्वालु। पुजारी
जींद। सफीदों रोड हनुमान मंदिर में श्रद्वालुओं को पुजारी राजेश शर्मा ने राम कथा में श्रीराम के वनवास के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि वनवास के दौरान प्रभु श्री राम ने अपने 14 वर्ष वनवास के साढ़े ग्यारह वर्ष चित्रकूट में ही बिताए थे। चित्रकूट हिंदुओं के लिए धार्मिक स्थानों में से एक है। यहां के कण कण में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की यादें बसी हुई हंै। भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट अनादि काल से वाल्मीकि समेत तमाम महान ऋषि-मुनियों की तपोस्थली रही है। संवाद