जींद। रक्षाबंधन त्योहार पर दूसरे दिन भी रोडवेज और परिवहन समिति की बसों में खूब मारामारी रही। सोमवार को दूसरे दिन दोपहर तक बस अड्डे पर बसों का आवागमन सामान्य रहा, लेकिन दोपहर बाद जैसे ही महिला यात्रियों की तादाद बढ़ी तो बसें कम पड़ गई। महिला यात्रियों ने बसों के लिए बस अड्डे पर काफी इंतजार करना पड़ा। दोपहर बाद तो कई रूटों पर करीब आधा-आधा घंटा तक बूथों पर बसें नहीं लगी, जिसके कारण महिला यात्रियों को बच्चों सहित गर्मी में परेशान होना पड़ा। वहीं कुछ परिवहन समिति की बसों में कई रूटों पर चक्कर भी मिस किए। इसके कारण लोकल बूथों पर भीड़ जमा हो गई और दूसरी बसों में यात्रियों को बैठाकर रवाना किया गया। हालांकि बस अड्डे पर व्यवस्था संभालने तथा खाली पड़े बूथों पर बसें लगाने और बसों में महिलाओं को बैठाकर रवाना करने के लिए रोडवेज कर्मचारी पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहे थे, लेकिन कई लोकल रूटों पर परिवहन समिति की बसों के संचालक टाइम मिस कर रहे थे, जिसके कारण व्यवस्था बनाने में समस्या आ रही थी। रोडवेज डिपो ने सोमवार को भी अपनी कुल 200 बसों को रूटों पर उतारा हुआ था। वहीं रात्रि ठहराव पर जाने वाली बसों को भी लोकल रूटों पर भेजा गया था। रात्रि ठहराव पर जाने वाली बसों के चालक-परिचालकों को साफ निर्देश थे कि वे रक्षाबंधन त्योहार पर महिलाओं को अपने गंतव्य तक छोड़ उसके बाद ही बसों को रात्रि ठहराव पर लेकर जाएं। सोमवार को दूसरे दिन परिवहन समिति की बसों ने 54 चक्कर मिस किए। रोडवेज प्रबंधन परिवहन समिति की बसों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आरटीए को लेटर लिखेगा।
कैथल, चंडीगढ़, पंजाब और भिवानी रूटों पर रही भीड़
सोमवार को दोपहर तक सामान्य रहने के बाद कई रूटों पर महिलाओं की भीड़ जमा हो गई। उस दौरान भिवानी, कैथल लोकल, चंडीगढ़-अंबाला, संगरूर, लुधियाना, नरवाना लोकल रूट के बूथों पर बसें नहीं मिली, जिससे महिलाओं ने बस आने का काफी इंतजार करना पड़ा। महिलाएं बस आने का इंतजार करती रही। बस अड्डे पर इतनी भीड़ जमा हो गई कि महिलाओं को बैठने के लिए जगह भी नहीं मिली। महिलाएं खड़े-खड़े ही बसों के आने का इंतजार करती रही।
इन रूटों पर परिवहन समिति की बसों ने मिस किए चक्कर
पानीपत
8
असंध
5
गोहाना
6
नरवाना
12
हांसी
22
बरवाला
01
कुल
54
बसों की मांग के चलते रात्रि ठहराव वाली रूटों पर भेजी बसें
बस अड्डे से कई गांवों में रात्रि ठहराव के लिए रोडवेज बसें प्रतिदिन जाती हैं। सोमवार को भी चालक-परिचालक रात्रि ठहराव पर बस ले जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन रोडवेज प्रबंधन ने बसों की मांग के चलते चालक-परिचालकों को निर्देश दिए कि वे बसों को रात्रि ठहराव पर न लेकर जाएं। अभी रक्षाबंधन को लेकर महिलाओं को उनके गंतव्य तक पहुंचाना है। जब महिलाओं का आवागमन कम हो जाएगा, उसके बाद ही बसों को रात्रि ठहराव के लिए लेकर चले जाएं। इससे पहले कोई भी चालक-परिचालक बसों को रात्रि ठहराव पर न जाएं अन्यथा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को दूसरे दिन सभी रोडवेज बसें रूटों पर रही। इससे महिला यात्रियों को कोई परेशानी नहीं आई। वहीं परिवहन समिति की बसों ने सोमवार को दूसरे दिन भी 54 चक्कर मिस किए हैं, जिनकी रिपोर्ट बनाकर आरटीए के पास भेजी जाएगी। -राहुल जैन, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो, जींद।
उनकी टीम दो दिनों से बस अड्डे पर परिवहन समिति की बसों की निगरानी कर रही है। इन दो दिनों ने जिस भी परिवहन समिति बस संचालन ने चक्कर मिस किया तो उसका 15 दिन के लिए लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा। -संजीव कौशिक, मोटर व्हीकल अधिकारी, जींद।