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बेबस व्यवस्था, फिर भी उत्साह-स्नेह का बंधन

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बस में सवार होतीं महिलाएं। संवाद - फोटो : Jind
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जींद। प्रदेश सरकार का रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधने के लिए बसों में निशुल्क यात्रा करवाने का दावा फेल नजर आया। दो दिन महिलाओं की बसों में सफर करने के लिए खूब मारामारी रही। इस दौरान महिलाओं ने परेशानी झेली, क्योंकि सभी रूटों पर भेजने के लिए रोडवेज के पास पर्याप्त बसें नहीं थीड्ड जबकि प्राइवेट बसें अपने मनमाने ढंग से चल रही थीड्ड। रोडवेज डिपों में उपलब्ध सभी 135 बसें चलाई गईं। हालांकि प्राइवेट बसों ने दो दिनों में 90 से ज्यादा चक्कर रद्द कर दिए। इसके कारण महिलाओं को अपने भाइयों के घर जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। महिलाओं को निशुल्क बस सुविधा देने की सरकार की घोषणा परेशानी का सबब बनी।
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रक्षाबंधन को लेकर बस स्टैंड पर महिलाओं की खूब भीड़ दिखाई दी। वीरवार सुबह से ही महिलाएं भारी तादाद में बस स्टैंड पहुंच गई थीं। जींद से कैथल, जींद से गोहाना, जींद से रोहतक, जींद से हिसार और जींद से हांसी रूट पर यात्रियों की खूब भीड़ जुटी रही। सबसे ज्यादा मारामारी उन रूटों पर रही जहां प्राइवेट बसें ज्यादा थी, क्योंकि कई संचालकों ने अपनी-अपनी बसों को नहीं चलाया। इसके कारण कई रूटों पर प्राइवेट बसों के चक्कर रद्द रहे और उन रूटों पर महिलाएं बस आने का इंतजार करती रहीं। कुछ प्राइवेट बस संचालक तो अपनी-अपनी बसों की सर्विस करवाने के लिए ले गए। हालांकि पिछले साल भी रक्षाबंधन पर्व पर प्राइवेट बसों ने काफी चक्कर रद्द किए थे, लेकिन सड़क एवं परिवहन प्राधिकरण ने इन प्राइवेट बस संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी।
प्राइवेट वाहनों का सहारा लेने के लिए होना पड़ा विवश
भाइयों को राखी बांधकर वापस लौटी बहनों शाम के समय परिवहन सेवा नहीं मिली। शाम के समय बस स्टैंड पर अधिकतर बूथ खाली पड़े हुए थे जबकि महिलाओं भी भीड़ जमा थी। रोडवेज कर्मचारियों ने कुछ रूटों पर तो वर्कशाप से निकालकर बसों को रवाना किया गया, लेकिन कुछ बूथों पर महिलाओं को न प्राइवेट बस थी और न ही रोडवेज सेवा मुहैया हो पाई। कुछ महिलाओं से बात की गई तो उनका कहना था कि वह बहुत मुश्किल से सफर कर जींद तक पहुंची हैं। अब उन्हें आगे भी जाना है, लेकिन जींद के आगे बस ही नहीं है। वह काफी देर से बस आने का इंतजार कर रहीं हैं, लेकिन अभी तक बस नहीं आई है। ऐसे में उनको प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ेगा।
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जानें...प्राइवेट बसों ने कितने चक्कर किए रद्द
रूट रद्द चक्करों की संख्या
जींद-हांसी 10
जींद-बरवाला 11
जींद-गोहाना 07
जींद-असंध 04
जींद-पानीपत 04
जींद-नरवाना 05
महिलाओं के लिए पूरा दिन रोडवेज बसों को रूटों पर उतारा गया। बस स्टैंड पर व्यवस्था बनाने के लिए कई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई हुई थी। जिस बूथ पर यात्रियों की संख्या ज्यादा मिली उसकी बूथ पर बस को लगाया गया था।
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अशोक कौशिक, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।
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