10जेएनडी34: मंडी में धान को भीगने से बचाने के लिए तिरपाल के साथ ढका हुआ। संवाद।
जींद। बरसात ने शहर की अनाजमंडी में धान खरीद व उठान के कार्य की राह रोकी, जिसके चलते मंडी में केवल 500 क्विंटल धान ही बिक पाई, जबकि प्रतिदिन लगभग 35 हजार क्विंटल धान की खरीद होती थी। इसके अलावा उठान भी कम हो पाया। जिसके चलते किसानों को मंडी में दिनभर खरीद का इंतजार करके वापस लौटना पड़ा।
मौसम में हुए बदलाव के बाद शुक्रवार सुबह ही हल्की फुल्की बरसात शुरू हो गई थी, लेकिन दोपहर के समय बरसात ने कुछ हद तक तेजी पकड़ी। जिसके चलते मंडी में किसान धान लेकर तो पहुंचे लेकिन खरीदार नहीं आए। मंडी में किसान लगभग दस हजार क्विंटल धान लेकर पहुंचे। इनमें से केवल 500 क्विंटल धान ही बिका। इसके अतिरिक्त एक लाख क्विंटल से ज्यादा धान मंडी में पहले भी पड़ा हुआ है। जिसका न तो उठान हुआ और न ही खरीद। बरसात के कारण मंडी में लगी धान की ढेरियों को तिरपाल के सहारे भीगने से बचाया गया। मंडी में शैड नहीं होने के कारण आढ़तियों व किसानों को बरसात के कारण ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर की अनाजमंडी में पीआर धान की आवक लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन अब धान की अन्य किस्में ही मंडी में आ रही हैं।
मौसम साफ होने के बाद मंडी में किसान लाएं धान
बरसात के कारण मंडी में खरीद होना संभव नहीं है। किसानों से अपील है कि मौसम साफ होने के बाद ही धान लेकर आएं ताकि धान को भीगने से बचाया जा सके और साफ मौसम में सुखी धान का किसानों को उचित रेट मिल सके। शनिवार को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। मौसम साफ रहा तो शनिवार को सुबह ही खरीद शुरू करवा दी जाएगी।
संजीव कुमार मार्केट कमेटी सचिव जींद।