संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। शिक्षा निदेशालय ने पूरे प्रदेश में सभी कक्षाओं में पाठ्यक्रम अनुसार ही बच्चों को पढ़ाने का आदेश दिया है। इसके तहत प्रदेशभर के राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं के बच्चों को एक समय में एक साथ गुणा-भाग सिखाया जाएगा। अध्यापक पाठ्यक्रम से अलग हटकर नहीं पढ़ाएंगे।
शिक्षा निदेशालय ने कक्षा अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किया है। निदेशालय से जारी पत्र में कहा गया है कि पाठ्यक्रम पूरे प्रदेश के प्राथमिक पाठशालाओं में लागू होगा। सभी प्राथमिक पाठशालाओं में कार्यरत अध्यापक अपनी-अपनी कक्षाओं के बच्चों को पाठ्यक्रम अनुसार ही पढ़ाएंगे। पाठ्यक्रम के अनुसार यदि फरीदाबाद की प्राथमिक पाठशाला में जिस समय अध्याय दो पढ़ाया जा रहा है तो सिरसा में भी उसी समय वही अध्याय पढ़ाया जाएगा। ऐसे में कोई भी अध्यापक अपनी मनमर्जी नहीं कक्षा नहीं चला सकेंगे और लापरवाही करने का कोई बहाना भी नहीं बना सकेंगे। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद पूरे प्रदेश के प्राथमिक पाठशालाओं में निपुण हरियाणा के तहत मेगा जांच अभियान चलेगा। यदि जांच के दौरान कोई लापरवाही मिली तो विभाग की ओर से संबंधित अध्यापक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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सप्ताह के अनुसार बांटा पाठ्यक्रम
प्रथम से तीसरी कक्षा तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए बनाए गए शेड्यूल में महीने को सप्ताह अनुसार बांटा गया है। शेड्यूल के अनुसार चार से नौ सितंबर तक प्रथम कक्षा के बच्चों को अध्यापक हिंदी गाइड के पेज नंबर-59 का कार्य करवाएंगे। इसके बाद 11 से 16 सितंबर तक पेज नंबर-60 का कार्य करवाना होगा। फिर 18 से 23 सितंबर के बीच गाइड के पेज नंबर-61 का कार्य करवाया जाएगा और 25 से 30 सितंबर तक पेज नंबर-62 का कार्य होगा। ऐसे ही दूसरी और तीसरी कक्षाओं के बच्चों को पढ़ाना होगा। यह पाठ्यक्रम पूरे प्रदेश के राजकीय प्राथमिक पाठशालाओं में लागू किया है और इसी के तहत पढ़ाई करवाई जाएगी। सितंबर के बाद अक्तूबर, नवंबर, दिसंबर, जनवरी, फरवरी और मार्च महीने में पाठ्यक्रम अनुसार पढ़ाई होगी।
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निपुण हरियाणा मिशन के तहत होगी मेगा जांच
प्राथमिक पाठशालाओं में पाठ्यक्रम अनुसार पढ़ाने के बाद बच्चों में क्या बदलाव आया और पाठशालाओं में पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई हो रही है या नहीं। इसे परखने के लिए निपुण हरियाणा मिशन के तहत मेगा जांच अभियान चलाया जाएगा। टीम एक दिन में दो स्कूलों का निरीक्षण करेगी। टीम में एबीआरसी और बीआरपी के 80 सदस्य होंगे, वहीं दूसरी टीम में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डीपीसी, डाइट मुख्याध्यापक, डाइट ईक्कस के दो प्राध्यापकों को शामिल किया गया है। जांच में पाठ्यक्रम के अनुसार बच्चों को नहीं पढ़ाया मिला तो अध्यापकों के खिलाफ रिपोर्ट बनाकर निदेशालय को भेजी जाएगी।
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शिक्षा निदेशालय ने प्राथमिक पाठशालाओं की प्रथम से तीसरी कक्षा तक पढ़ाने के लिए पाठ्यक्रम शुरू किया है। यह पाठ्यक्रम के तहत पूरे प्रदेश में बच्चों को एक समय में एक साथ पढ़ाया जाएगा। इसके बाद स्कूलों में मेगा जांच अभियान चलाया जाएगा।-राजेश वशिष्ठ, जिला नोडल अधिकारी, निपुण मिशन हरियाणा