02जेएनडी18-सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की कार्यशाला में ड्यूटी संबंधित जानकारी देते हुए सामान्य पर्यवे
जींद। सामान्य पर्यवेक्षक नारायण भरथ गुप्ता ने बुधवार को चौधरी रणवीर सिंह विश्वविद्यालय में सूक्ष्म पर्यवेक्षकों की कार्यशाला ली। उन्होंने ड्यूटी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि माइक्रो ऑब्जर्वर का प्रथम और विशेष कार्य निर्वाचन कि पूरी प्रक्रिया को स्वतंत्र और निष्पक्ष करवाना होता है। आपका कार्य सिर्फ ऑब्जर्व करना होता है।
मतदान केंद्र मे जब मॉक पोल की प्रक्रिया होती है तो माइक्रो ऑब्जर्वर की उपस्थिति अनिवार्य होती है। यदि आपकी ड्यूटी एक साथ दो या तीन मतदान केंद्रों पर लगी है तो आपको मॉक पोल के दौरान सभी केंद्रों पर घूमते रहना होगा। सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को वलनरेबल एवं क्रिटिकल मतदान केंद्रों पर सामान्य पर्यवेक्षकों की मदद के लिए तैनात किया जाता है। सूक्ष्म पर्यवेक्षक मतदान की पूरी प्रक्रिया को ऑब्जर्व करते हैं और इसकी पूर्ण रिपोर्ट सामान्य पर्यवेक्षकों को देनी होती हैं।
नोडल अधिकारी राजकुमार ने बताया कि सूक्ष्म पर्यवेक्षकों को मतदान पार्टियों के साथ समन्वय बैठाकर टीम की भांति कार्य करना होता है और 18 बिंदु के प्रफोर्मा में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
सूक्ष्म पर्यवेक्षक मतदान पार्टियों के साथ मतदान केंद्रों पर मतदान के पहले दिन पहुंचते हैं। वे मतदान के दिन मॉकपोल की प्रक्रिया से मतदान संपन्न होने तक पूरी चुनाव प्रक्रिया पर पैनी नजर बनाए रखते हैं। सभी सूक्ष्म पर्यवेक्षक अलॉट किए गए मतदान केंद्रों की महत्वपूर्ण घटनाओं की भी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं। मतगणना स्टाफ को निर्धारित समय से आधा घंटा पहले मतगणना हॉल में आना होता है। चुनाव आयोग की हिदायतानुसार उनको मतगणना हॉल के अंदर मोबाइल, इलेक्ट्रोनिक सामान यहां तक की पेन भी ले जाना वर्जित है। सभी जरूरी सामान उनको भीतर ही उपलब्ध करवा दिया जाता है।