हरियाणा के जींद में कंडेला गांव के ऐतिहासिक चबूतरे पर रविवार को होने वाले उत्तर भारत खाप सम्मेलन को लेकर कंडेला खाप के दो प्रधान आमने-सामने हो गए हैं। कंडेला खाप के वर्तमान प्रधान ओमप्रकाश ने जहां रविवार को उत्तर भारत खाप सम्मेलन होने की जानकारी दी हैए वहीं पूर्व प्रधान टेकराम ने इस बात को नकार दिया है।
शनिवार को दोनों प्रधानों ने प्रेस को जारी बयान में अपनी-अपनी राय दी है। कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश ने कहा है कि रविवार को गांव कंडेला के ऐतिहासिक चबूतरे पर उत्तर भारत खाप सम्मेलन किया जाएगा। सम्मेलन में देश तथा प्रदेश से 150 से अधिक खापों के प्रतिनिधि शिरकत करने पहुंचेंगे। खाप प्रतिनिधियों को रहने व ठहरने की व्यवस्था कर दी गई है।
सम्मेलन के दौरान खापों के चौधरी सामाजिक मुद्दों पर मंथन करेंगे, जिसमें समाज में पैदा हुई बुराइयों पर गहनता से विचार किया जाएगा। साथ ही उन बुराइयों को कैसे समाप्त किया जाए, इस पर भी मंथन होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत खाप सम्मेलन में समाज उत्थान तथा भाईचारे को लेकर विचार-विर्मश किया जाएगा।
आज लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांट कर राजनीति की जा रही है। इसके चलते भाईचारा हाशिये पर जा रहा है। बावजूद इसके ग्रामीण आंचल के लोगों में भाईचारा अटूट है। सभी सुख-दुख में एक दूसरे के भागीदार बनते हैं। इसी सोच को और मजबूत करने के साथ खापें एकजुट होकर समाजहित में मार्गदर्शक फैसले लेंगी। उन्होंने कहा कि खापें सामाजिक हैं, लेकिन खापों के राजनीतिकरण की भी बात सामने आती हैं। खापों का राजनीतिकरण न हो, इसको लेकर खापों का संगठित होना जरूरी है।
कंडेला खाप ने नहीं बुलाया उत्तर भारत खाप सम्मेलन
कंडेला खाप के पूर्व प्रधान एवं राष्ट्रीय सर्व खाप संयोजक टेकराम ने कहा कि कुछ लोग कंडेला खाप का नाम लेकर खापों को कंडेला में बुलाकर खापों को गुमराह कर रहे हैं। दो अप्रैल को खापों की कोई भी किसी तरह की बैठक नहीं बुलाई गई। यदि किसी ने इस तरह का बयान दिया है तो वह गैर जिम्मेदाराना बयान है। कंडेला खाप का दो अप्रैल की बैठक से कोई संबंध नहीं है।
उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति विदेश से आकर खाप का भाईचारा बिगाड़ देता है और फिर भाईचारा बिगाड़ कर विदेश भाग जाता है। ऐसे सोच के व्यक्ति से बचना चाहिए। दो अप्रैल को कंडेला गांव में खापों की बैठक की कोई विधिवत सूचना नहीं है। खापों की बैठक करने की एक मर्यादा तथा परंपराओं की पालना की जाती है, लेकिन इस तरह की गैर मर्यादित घटनाओं से खाप की साख कमजोर होती है। इस अवसर पर भीरा दालमवाला, खाप प्रवक्ता मा. कर्मवीर लोहचब, दयानंद बोहतवाला, हजूरा, ओमी कंडेला, रामदिया खोखरी, सुरेंद्र कडेला मौजूद रहे।