सफीदों । महिला एमपीएचडब्ल्यू द्वारा जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने दूसरे आरोपी प्रदीप कुमार को काबू किया है। इससे पहले पुलिस ने आशा वर्कर बानो देवी को काबू किया था। पुलिस को दी शिकायत में गांव दालमवाला निवासी राममेहर ने कहा कि उसकी पत्नी लक्ष्मी 2022 में स्वास्थ्य विभाग हरियाणा में एमपीएचडब्ल्यू के पर भर्ती हुई थी। फरवरी 2024 में उसकी पत्नी की पोस्टिंग गांव भुसलाना में हुई थी। पिछले 15-20 दिन से उसकी पत्नी लक्ष्मी परेशान थी। उससे इस बात का कारण पूछा तो लक्ष्मी ने बताया कि भुसलाना का स्टाफ उसे परेशान करता है। वहां की आशा वर्कर उसकी बात नहीं मानती। जब उसने उसकी रिपोर्ट की तो बानो ने उसके ऊपर जातिगत शब्द बोलने बारे लक्ष्मी की शिकायत एसएमओ से की। प्रदीप आईए, कोऑर्डिनेटर जगदीश व आशा वर्कर बानाे ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया। स्टाफ के दुर्व्यवहार के कारण उसकी लक्ष्मी काफी तनाव महसूस किए हुए थी। 27 सितंबर को आशा वर्कर बानो, प्रदीप व जगदीश ने उसकी पत्नी लक्ष्मी को झूठे बिलों पर साइन करने के लिए कहा, लेकिन लक्ष्मी ने साइन करने से मना कर दिया। उन तीनों से तंग आकर लक्ष्मी ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। जांच अधिकारी एएसआई विनोद ने कहा कि पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को नामजद कर जांच शुरू की थी, जिसमें से पुलिस ने दूसरे आरोपी को काबू किया है।