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हिंदू विवाह अधिनियम में बदलाव की मांग को लेकर होने वाली महापंचायत पर उठाए सवाल

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जींद। गांव हैबतपुर के ग्राम सचिवालय में वीरवार को माजरा खाप और कंडेला खाप की पंचायत हुई। इसमें दोनों ही खापों के प्रधान और पांच-पांच प्रतिनिधि शामिल हुए।
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इसकी अध्यक्षता माजरा खाप के प्रधान गुरविंदर सिंह संधु ने की। कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश कंडेला ने कहा कि आठ अक्तूबर को जाट धर्मशाला में एक सर्वखाप पंचायत होगी। उन्होंने कहा कि तीन दिन पहले भी यहां एक महापंचायत हो चुकी है। कुछ लोग महापंचायतों के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। दोनों ही खाप इन महापंचायतों से कोई इत्तफाक नहीं रखती।
गुरविंदर सिंह संधु ने कहा कि जो लोग हिंदू मैरिज एक्ट के नाम से खापों की राजनीति करते हैं वह अपना स्वार्थ सिद्ध करते हैं। हिंदू मैरिज एक्ट 1955 में बनाया था। इसमें अपनी-अपनी रिवाज या संस्कृति जैसा जिस स्थान पर चल रहा है, उसी प्रकार विवाह शादी सम्पन्न होगी। अलग-अलग प्रांतों में समाजों में अलग-अलग रिवाज हैं और उसी अनुसार शादी हो रही हैं। जहां तक उम्र की सीमा की बात है, यह मुद्दा स्टेंडिंग कमेटी में विचाराधीन है। दोनों खापें सरकार से मांग करती हैं कि शीघ्र ही समाज हितेषी कानून बनाए जाएं।
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शादी के समय दोनों बच्चों के माता-पिता की गवाही आवश्यक होनी चाहिए। जहां मंदिरों में शादियां करवाई जाती हैं, वहां शादी के समय शादी करवाने वाले लोगों को माता-पिता को बुलाना चाहिए। लड़की की उम्र 18 साल से कम की जाए। उन्होंने कहा कि जो लोग महापंचायत कर रहे हैं, वह स्पष्ट करें कि वह किस खाप महापंचायत के पदाधिकारी हैं तथा इसका उनके पास क्या प्रमाण हैं। माजरा खाप के प्रवक्ता समुंदर सिंह फोर ने कहा कि दोनों ही महापंचायतों से कंडेला व माजरा खाप अलग रहेगी।
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