22जेएनडी22: अंतरराष्ट्रीय एवं अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी अंशु मलिक व अन्य खिलाडिय़ों के लिखे गलत नाम
जींद। गीता जयंती महोत्सव के पहले दिन कार्यक्रम में कई तरह की खामियां नजर आई। इन खामियों को महोत्सव का अवलोकन करते हुए डीसी मोहम्मद इमरान रजा ने ही उजागगर करने का काम किया। जिसके लिए उन्होंने विभाग के अधिकारियों को भी समझाया। पहले दिन गीता जयंती महोत्सव की शुरूआत में डीसी ने हवन में शामिल होकर शुभारंभ किया।
इसके बाद उन्होंने वहां पर लगी स्टॉलों की अधिकारी व कर्मचारियों से जानकारी लेनी शुरू की। जब वह खेल विभाग के स्टाल पर पहुंचे तो उन्होंने वहां पर अंतरराष्ट्रीय एवं अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी अंशु मलिक के बैनर को लगा देखा। जहां पर उन्होंने मौजूद कर्मियों से खिलाड़ी का नाम पूछा तो अंशु मलिक बताया गया। जिस पर डीसी ने कहा कि बैनर पर तो अंशुल मलिक लिखा हुआ है। इसके बाद डीसी ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि इतने बड़े खिलाड़ियों के नाम भी विभाग ठीक नहीं लिख सकता। यही नहीं अन्य कई खिलाड़ियों के नाम भी बैनर में गलत लिखे हुए थे। इसके अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए स्टॉल पर डीसी ने बुकलेट को उठाया तो उसमें तत्कालीन डीसी की फोटो लगी थी। इस पर डीसी ने कहा कि आज तक बुकलेट को अपडेट नहीं करवाया। लगभग चार महीने बीत चुके हैं। इसके अलावा पहले दिन गीता जयंती महोत्सव में लोगों ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। कुछेक स्कूलों के बच्चों ने ही इसका अवलोकन किया। जिला समन्वयक राजेश वशिष्ठ के नेतृत्व में निपुण मिशन का स्टॉल लगाया गया। जिसमें जिला की एफएलएन गतिविधियों को दर्शाया गया। किस प्रकार से छोटे-छोटे बच्चों को खेल-खेल में विभिन्न गतिविधियों से विभिन्न प्रकार के चार्ट विभिन्न प्रकार के मॉडल विभिन्न प्रकार की वस्तुओं के द्वारा छोटे बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाया जाता है। प्राथमिक शिक्षकों द्वारा बनाए गए टीएलएम को डीसी मोहम्मद इमरान रजा, नगराधीश नमिता कुमारी ने देखकर प्रशंसा की।
हर्बल पार्क में फलदार पौधे लगाने की कही बात
डीसी ने वन विभाग के स्टॉल का अवलोकन करते हुए कहा कि उनके पास जमीन बहुत है। वह हर तरह के फलदार पौधे लगाएं। इस पर विभाग के अधिकारी ने कहा कि फलों को बंदर खा जाते हैं। इस पर डीसी ने कहा कि अच्छी बात है बंदरों को भी फल खाने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जितने भी ट्री गार्ड उनके पास उपलब्ध हैं। उनकी संख्या के अनुसार फलदार पौधे लगाएं।
कई स्टाल लगे देरी से
जिस दौरान डीसी ने दौरा किया तो एक स्टॉल पर कोई सामग्री नहीं रखी मिली। इस दौरान वहां पर मौजूद कर्मचारियों को उन्होंने पूछा तो बताया कि वह देरी से आए हैं। डीसी ने कहा कि आधा दिन बीत चुका है। यह कितनी देरी होती है।
22जेएनडी22: अंतरराष्ट्रीय एवं अर्जुन अवार्डी खिलाड़ी अंशु मलिक व अन्य खिलाडिय़ों के लिखे गलत नाम
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