संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। परिवार पहचान पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर बुढ़ापा पेंशन बनाई जा रही है। इसके लिए अब पात्र बुजुर्गों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं। जिले में अबतक घर बैठे 4681 बुजुर्गों और 36 दिव्यांगों की पेंशन बनाई गई है। यह जानकारी उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार ने दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार परिवार पहचान पत्र के आधार पर 60 वर्ष पूरी होने पर अपने आप बुजुर्गों की पेंशन बना रही है। इससे बुजुर्गों को अब सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ते। जिले में अब तक परिवार पहचान पत्र के सत्यापन के बाद घर बैठे 4681 बुजुर्गों को बुढ़ापा पेंशन बनाई गई है। इसी प्रकार परिवार पहचान पत्र के आधार पर दिव्यांगों को भी पेंशन प्राप्त हो रही है। इसमें दिव्यांग को मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र में अपडेट करवाना होता है। इस सुविधा से अब तक जिला में 36 दिव्यांगों को पेंशन मिल रही है। उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यक्ति की वर्ष 2017 से पहले बने वोटर कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र व स्कूल का सर्टिफिकेट में उम्र 60 वर्ष हो चुकी है तो तुरंत परिवार पहचान पत्र में अपडेट करवाएं। ताकि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बुढ़ापा पेंशन परिवार पहचान पत्र के सत्यापन के बाद पेंशन दी जा सके। उन्होंने बताया कि सभी सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है। सभी अपने नजदीक अटल सेवा केंद्र, सीएचसी पर जाकर अपने कागजात व अन्य आवेदन फार्म अपलोड करवाकर केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ घर बैठे ले सकते हैं। राज्य सरकार के इस निर्णय से आमजन को घर बैठे सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है और बुजुर्गों व दिव्यागों का सम्मान भी किया जा रहा है।