जींद/नरवाना। दाता ह वाला बॉर्डर पर शनिवार को शांति बनी रही। दिल्ली कूच के लिए किसानों ने पंजाब की तरफ डेरा डाल रखा। हालांकि 29 फरवरी तक दिल्ली कूच कार्यक्रम को किसानों ने स्थगित करने की घोषणा की है। दिनभर किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। भाषणों का सिलसिला जारी रखा। शाम का किसानों ने बॉर्डर पर कैंडल मार्च निकाला। अब प्रतिदिन बॉर्डर पर अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। वहीं बॉर्डर पर तैनात फोर्स अलर्ट रही। किसानों का कहना था कि भाजपा सरकार तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगे रख रहे किसानों पर लाठियां तथा गोलियां बरसाई जा रही हैं।
पंजाब की तरफ हाईवे पर डेरा डाले किसानों ने दातासिंह वाला बॉर्डर से दूरी बनाए रखी। 21 फरवरी के टकराव के बाद किसान पंजाब की तरफ पीछे हट गए। पूर्व में किसानों ने बॉर्डर से कुछ ही दूरी पर डेरा डाला हुआ था। इसके चलते युवा आगे बढ़ कर नारेबाजी तथा पथराव करते थे। जवाब में फोर्स भी कार्रवाई करती थी। पिछले तीन दिनों से बॉर्डर पर पूरी तरह शांति बनी हुई है। शनिवार को किसान नेताओं को पंजाब की तरफ आवागमन भी जारी रहा। भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और भाषण भी दिए। रात करीब 7:30 बजे किसानों ने कैंडल मार्च निकारा।आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों का श्रद्धांजलि दी। सरकार के खिलाफ रोष जताया।
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29 फरवरी तक कार्यक्रम तय
दातासिंह वाला बॉर्डर पर किसानों ने 29 फरवरी तक अपने कार्यक्रम तय कर दिए हैं। अब 29 फरवरी को ही भविष्य के बारे में निर्णय लिया जाएगा, तब तक शांति से किसान बाॅर्डर पर बैठे रहेंगे।
25 फरवरी को वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन को लेकर बॉर्डर पर सेमिनार
27 फरवरी सभी लोग बॉर्डर पर शांति मार्च निकालेंगे
28 फरवरी को गैर राजनीतिक संयुक्त किसान मोर्चा तथा किसान मजदूर मोर्चा की अलग-अलग बैठक होगी
29 फरवरी को गैर राजनीतिक संयुक्त किसान मोर्चा तथा किसान मजदूर मोर्चा की संयुक्त बैठक होगी। इसमें आग की रणनीति बनाई जाएगी
सीन ऑफ क्राइम टीम ने किया निरीक्षण
शनिवार को सीन ऑफ क्राइम टीम ने दातासिंह वाला बॉर्डर पर खेतों का निरीक्षण किया। टीम ने उन जगहों का भी निरीक्षण किया जहां पर किसान और फोर्स आमने-सामने हुई थी। टीम ने वहां से भी साक्ष्यों को जुटाया। खेतों में जूतों, चप्पलों और अन्य सबूतों को जुटाया। वहीं पुलिस के अधिकारियों ने भी बॉर्डर का जायजा लिया। जवानों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। सीआरपीएफ के आईजी ने भी नाकों और बॉर्डर का निरीक्षण किया। जवानों का दिशा-निर्देश दिए।