संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। दिवाली की रात अंबाला बस अड्डे पर ड्यूटी दे रहे रोडवेज चालक राजवीर की पीट-पीटकर हत्या करने के विरोध में बुधवार को रोडवेजकर्मियों ने बसों का चक्का जाम रखा, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। रोडवेजकर्मी अलसुबह ही बस अड्डे के प्रांगण में बैठ गए और चालक के हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग को लेकर रोष प्रकट किया। 240 चालक, 250 परिचालक और कौशल रोजगार निगम के तहत लगे पांच परिचालक रोडवेजकर्मियों की हड़ताल में शामिल रहे।
बुधवार अलसुबह 4:13 बजे किलोमीटर स्कीम वाली चंडीगढ़ के लिए पहली बस चली। इसके बाद 4:37 बजे बहादुरगढ़ तक, 4:48 बजे व 5:40 बजे चंडीगढ़ के लिए बसें भेजी गईं। वहीं 6 बजे के बाद असंध व 6:30 बजे पानीपत के लिए निजी बस को चलाया गया। 7 बजे कैथल के लिए एक रोडवेज बस भेजी गई। रोडवेज बसों के बंद रहने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं भैया दूज त्योहार के चलते भी अन्य दिनों के मुकाबले यात्रियों की संख्या ज्यादा थी, जिन्होंने अपने गंतव्य तक जाने के लिए निजी वाहनों और ट्रेनों का सहारा लिया। सुरक्षा की दृष्टि से बस अड्डे पर पुलिस बल तैनात रहा।
मौके पर तहसीलदार रविंद्र हुड्डा, महाप्रबंधक कमलजीत सिंह, डीएसपी जितेंद्र भी मौके पर पहुंचे। धरने पर बैठे रोडवेज पदाधिकारी संदीप रंगा, सुरेंद्र कुमार, अमरजीत सिंह, सुशील ईक्कस और अनूप लाठर का कहना था कि अंबाला के चालक राजवीर के हत्यारोपियों को सजा दिलवाने, परिवार को आर्थिक सहायता देने व उसके बेटे को सरकारी नौकरी दी जाए। यदि सरकार ने साझा मोर्चा की मांग पूरी नहीं की तो हड़ताल को जारी रखा जाएगा।
रोहतक रूट पर निजी बसों के न चलने से यात्रियों को हुई परेशानी
जुलाना, रोहतक रूट पर निजी बसों के न चलने से यात्रियों को खासी परेशानी हुई। इस रूट पर इक्का-दुक्का निजी बस ही चली, जिससे यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। पिछले कई दिनों से चल रही छुट्टियां पूरी होने के बाद बुधवार को काफी यात्री बस अड्डे पर पहुंचे थे। सुबह 7 बजे रोहतक के बूथ पर एक प्राइवेट बस चालक यात्रियों को बैठाकर रूट पर ले गया। इसके तुरंत बाद रोहतक के लिए दूसरी बस बूथ पर लगी। बस स्टैंड के बाहर भी एक निजी बस सा चालक यात्रियों को बस में बैठाकर ले गया। कैथल रूट पर भी प्राइवेट बस चली, जबकि सामान्य तौर पर जींद से कैथल के लिए किसी भी प्राइवेट बस का परमिट नहीं है।
पुलिस के साथ सफीदों सब डिपो पर कर्मचारियों की हुई नोक-झोंक
सफीदों सब डिपो और नरवाना उपकेंद्र में भी रोडवेज कर्मचारियों ने बसों का संचालन बंद रखा। जींद में सुबह 5:50 बजे यूनियन पदाधिकारी महाप्रबंधक के पास पहुंचे। उन्होंने शिकायत में कहा कि सफीदों में रोडवेज कर्मचारी शांतिपूर्वक तरीके से धरना दे रहे हैं, लेकिन फिर भी पुलिसकर्मी वहां से उन्हें हटा रहे हैं। रोडवेजकर्मियों और पुलिस के बीच नोक-झोंक भी हुई। कर्मचारियों को शांतिपूर्वक तरीके से धरना नहीं देने दिया गया तो मजबूरी में आकर रोडवेज कर्मचारियों को बस स्टैंड के गेट भी बंद कर सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी अधिकारियों और प्रशासन की होगी।
यात्रियों को बैठाने के लिए अड्डे पर पहुंचा निजी वाहन चालक
बस अड्डे के अंदर बुधवार सुबह एक कैब आई और वह दिल्ली जाने वाले यात्रियों को लेकर निकल गई। वहीं जब दूसरी कैब बस स्टैंड के अंदर पहुंची तो रोडवेज कर्मचारियों ने कैब चालक को गाड़ी सहित घेर लिया। रोहतक और दिल्ली रूट पर प्राइवेट बस और कैब चालक के पास कोई परमिट नहीं है। दिल्ली और रोहतक के लिए यदि प्राइवेट बस या कैब वालों को यात्री लेकर जाने हैं तो वह बस स्टैंड के बाहर से बैठा सकते हैं, उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन निजी वाहनों को बस स्टैंड के अंदर आने की अनुमति नहीं है।
जींद डिपो, नरवाना और सफीदों सब डिपो से बुधवार को 15-16 बसों को रूट पर भेजा गया। चंडीगढ़, कैथल, बहादुरगढ़ रूट पर किलोमीटर स्कीम वाली और रोडवेज बसों को रवाना किया गया। इनके अलावा कुछ रूट पर प्राइवेट बस चली, जिससे यात्रियों को राहत मिली।
- कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।