जींद। जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को लगी राष्ट्रीय लोक अदालत में 4962 केस समाधान के लिए रखे गए। इसमें से 2639 केसों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इन केस में सात करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सेटलमेंट किया गया। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनमोल सिंह नयर व जिला विधिक सेवा आधिकरण की चेयरपर्सन तथा जिला एवं सत्र न्यायधीश पशवीर सिंह राठौर के मार्गदर्शन में जिला मुख्यालय व उपमंडल स्तर पर छह बैंच स्थापित किए गए थे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनमोल सिंह नयर ने बताया कि मोटर व्हीकल दुर्घटना के 29 केसों का समाधान किया गया। जिसमें एक करोड़ 87 लाख 30 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई। हिंदू मैरिज 99 केसों का निपटान किया गया, चैक बाउंस के 238, दिवानी मामले के 529, आपराधिक मामलों के 671 मामलों का समाधान किया गया। प्री लिटिगेटिव बैंक लोन के 13 मामलों का समाधान हुआ, जिसमें 5 लाख 90 हजार रुपये की रिकवरी हुई और बैंक लोन मामले में 20 का समाधान हुआ और एक लाख 23648 रुपये की रिकवरी की गई। प्राधिकरण सचिव अनमोल सिंह नायर ने कहा कि बिना लागत और अतिरिक्त शुल्क के त्वरित और अंतिम न्याय केवल लोक अदालतों में मिलता है। इसका ज्यादा ज्यादा लोगों को फायदा उठाना चाहिए। लोक अदालतें न केवल लंबित विवादों को सुलझाती हैं, बल्कि यह सामाजिक सद्भावना को भी सुनिश्चित करती है।