जींद। रानी तालाब के चारों तरफ फुटपाथ निर्माण के लिए लगाई जा रही इंटरलॉकिंग टाइल्स का सामाजिक संस्था टीम जींद सुधार ने विरोध करते हुए प्रदर्शन किया। टीम जींद सुधार का कहना है कि इसे रानी तालाब की सुंदरता व मजबूती खराब हो रही है। ऐसा किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा।
टीम के प्रधान प्रवीण सैनी ने कहा की उनकी टीम 2016 से रानी तालाब की देखरेख करती आ रही है। इस दौरान यहां सफाई से लेकर अन्य कार्य में संस्था बहुत मेहनत कर रही है। इसकी जानकारी पूरे शहर के लोगों को भी है कि संस्था निस्वार्थ काम करती है। टीम ने डेढ़ साल पहले फुटपाथ निर्माण के लिए अनशन भी किया था। इस फुटपाथ को पहले भी सही नहीं बनाया गया और अब भी गलत बनाया जा रहा है। इसके विरोध में टीम ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया है। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील वशिष्ठ ने कहा कि पीडब्ल्यूडी की इमेज सड़क व भवन विनाश विभाग की बन चुकी है, क्योंकि इसके अधीन आने वाली तमाम सड़कें जैसे रोहतक रोड, सफीदों रोड, मिनी बाईपास व सब्जी मंडी के पीछे वाली सभी सड़क बदहाल हैं। रानी तालाब पर ही पिछले 12 साल में छह करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सभी कार्य अच्छे तरीके से नहीं किया गया, जिस कारण आज यह बेहद बुरे हालात में है। यहां लगाई गई लाइट दो वर्ष में ही खराब हो गई। 2020-21 में एक करोड़ रुपये खर्च करके यहां मार्बल उखाड़कर ग्रेनाइट लगा दिया गया, जो केवल पैसे की बर्बादी साबित हुआ। बारिश में यहां पैर फिसल कर श्रद्धालु महिलाएं गिरने लगी। टीम जींद सुधार ने मांग की कि इन इंटरलॉकिंग टाइल्स को तत्काल हटाया जाए। इसके बदले खूबसूरत चेक टाइल्स लगाई जाएं, जो जींद की पहचान ऐतिहासिक व धार्मिक स्थल रानी तालाब की खूबसूरती व मजबूती को बढ़ाएं। इस अवसर पर सुशील कुमार, महाबीर हिन्दू, नकुल शर्मा, वरुण बजाज, देव जांगड़ा, मन्नू हिन्दू, सचिन शर्मा, नरेश रानोलीया, मोहित आसरी, धर्मपाल मित्तल, सुरेंदर कुमार, पुरुषोतम, जस्मीत, केशव, कबीर, अमित भी मौजूद रहे।
21जेएनडी28 : रानी तालाब पर प्रदर्शन करते टीम जींद सुधार के सदस्य। संवाद