संवाद न्यूज एजेंसी
जुलाना। कस्बे में किसान सुविधा केंद्र और निजी दुकानों पर यूरिया लेने पर जबरन दवा देने का मामला सामने आया है। इसके विरोध में किसानों ने कृषि विभाग कार्यालय पहुंचकर रोष जताया। कहा कि जिस दवाई की उन्हें जरूरत ही नहीं है, वह क्यों दी जा रही है।
देवरड़ गांव निवासी किसान समुंद्र, नरेंद्र ढ़ाडा, रामकुमार, आदि किसानों ने बताया कि वो आधार कार्ड पर यूरिया लेने गए थे। विक्रेता ने कहा कि चाहे यूरिया के पांच बैग ले लो या दो दवाई तो लेनी ही पड़ेगी। किसानों को जब उस दवाई की जरूरत ही नही है तो वो इसे क्यों लेंगे। किसान जब इसकी शिकायत लेकर खंड कृषि अधिकारी कार्यालय पहुंचे तो वहां पर कोई भी अधिकारी नही मिला। इसकी शिकायत लेने वाला कोई भी अधिकारी कुर्सी पर मौजूद नहीं था। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया।
वर्जन
किसान पर खाद के साथ दवाई देना गलत है। जब किसान को दवाई की जरूरत ही नहीं है तो वह क्यों दी जा रही है। गत वर्ष कई खाद विक्रेताओं की किसानों ने शिकायत दी लेकिन कृषि विभाग के अधिकारियों ने मिलीभगत कर मामले को दबा दिया। जांच के नाम पर कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई। संबंधित दुकानदार का लाइसेंस रद्द किए जाए। -सुमित लाठर, अध्यक्ष किसान छात्र एकता संगठन।
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अभी तक ऐसा कोई मामला संज्ञान में नहीं आया है। अगर ऐसी बात है तो मौके पर अधिकारियों को भेज कर जांच करवाई जाएगी और दोषी विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। किसानों को बिना दवाई के खाद दिया जाएगा।- डॉ. सूरजमल, खंड कृषि अधिकारी जुलाना।