14जेएनडी12: साध्वी तिलकश्री ठाणे-3। संवाद
उचाना। पुरानी मंडी उचाना में तेरापंथ भवन में प्रवचन करते हुए शासन साध्वी तिलकश्री ठाणे-3 ने धर्म सभा में कहा कि जिंदगी में किसी की अहमियत कम मत समझो, क्योंकि एक छोटे से गुब्बारे को पूरा समुंद्र भी डूबा नहीं सकता। इसलिए जीवन में हर किसी को अहमियत देनी चाहिए। जिंदगी के चार कड़वे सच के बारे में बताते हुए साध्वी ने कहा कि आप कभी किसी को संतुष्ट नहीं कर पाओगे। आपकी जिम्मेदारी कभी खत्म नहीं होगी। दूसरों के लिए जितना भी जी लो, कोई तुम्हारी कद्र नहीं करेगा। आप चाह कर भी किसी की जिंदगी नहीं बदल सकते, क्योंकि उसे उसके कर्मों का फल मिल रहा है। इसलिए चिंता छोड़ो अपने लिए थोड़ा जी लो। उन्होंने कहा कि एक बेहतरीन जिंदगी जीने के लिए यह स्वीकार करना जरूरी है कि जो कुछ भी हमारे पास है वो ही सबसे अच्छा है। महान वह नहीं जिसके पास शक्ति होती है, महान वो होता है जिसके पास सहनशक्ति होती है। जिस मेहनत से आज आप भाग रहे हैं वहीं कल आपको सफलता दिलाएगी। झौंक दो खुद को इस आग में यही कल आपको हीरा बनाएगी। जीवन की सबसे बड़ी खुशी, उस काम को करने में है, जिसे लोग कहते हैं तुम नहीं कर सकते। मुर्खों के पांच लक्षण बताए गए हैं। अहंकारी होना, सदैव कटू वचन बोलना, अत्यंत हठी होना, झगड़ालू स्वभाव और दूसरों के वचनों को नहीं मानना। जीवन में इन अवगुणों से बचना चाहिए। जीवन में कभी हार नहीं माननी चाहिए। उन लोगों को याद करो जिन्होंने कहा था तुझसे नहीं होगा।