जींद। निपुण हरियाणा मिशन के तहत अब राजकीय स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं का निरीक्षण करना होता है, लेकिन इस काम को शिक्षा विभाग के अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे। निदेशालय ने प्रत्येक माह में स्कूल व कक्षाओं के निरीक्षण कार्य को निर्धारित किया गया है। इसके लिए प्रत्येक महीने निरीक्षण रिपोर्ट का प्रोफार्मा भरकर सभी शिक्षा अधिकारियों को निदेशालय को भेजना होता है।
जिले में अभी तक शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल विजिट में रूचि नहीं ले रहे। जिसके चलते निरीक्षण के नाम पर एकाध स्कूल का निरीक्षण कर ही खानापूर्ति की गई है। इसमें जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डाइट प्राचार्य, डिप्टी डीईओ, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड संसाधन समंवयक, डाइट लेक्चरर व एपीसी समेत सभी अधिकारियों को चार स्कूल तथा तथा आठ कक्षाओं का निरीक्षण करना होता है। इनके अलावा जिला समन्वयक को छह विद्यालय तथा 12 कक्षाओं का निरीक्षण करना अनिवार्य है। जिले के 424 प्राथमिक विद्यालय में मेंटर को निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अधिकारी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। ऐसे में डीईईओ ने जिले के सभी बीईओ को पत्र लिखकर महीने के अंत तक निरीक्षण को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जो भी मेंटर निरीक्षण पूरी नहीं करेंगे उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सभी अधिकारियों को दिए निरीक्षण कार्य पूरा करने के निर्देश
सभी अधिकारियों को निरीक्षण कार्य इस महीने में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक निरीक्षण का कार्य कम हुआ है। इसका मुख्य कारण अधिकारियों का प्रशिक्षण शिविर भी रहा। जिसके चलते निरीक्षण का कार्य पूरा नहीं हो सका। अब सभी बीईओ को पत्र लिखकर निरीक्षण का काम पूरा करवाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि रिपोर्ट को मुख्यालय भेजा जा सके।
विजय लक्ष्मी डीईईओ जींद।