जींद। डेंगू के मामले को लेकर सरकारी विभाग सुस्ती दिखा रहे हैं। डेंगू से निपटने के लिए अधिकारी पहले से ही इस पर काम नहीं कर रहे हैं। जिस कॉलोनी में डेंगू का मामला आ जाता है, केवल वहीं पर फॉगिंग करवाई जा रही है।
राम कॉलोनी की गलियों में हमेशा गंदा पानी भरा रहता है। इस निकालने के लिए आज तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। न ही आज तक यहां फॉगिंग करवाई गई है। ऐसे में यहां पैदा हो रहे मच्छरों के कारण कभी भी कोई डेंगू का शिकार हो सकता है।
शहरी क्षेत्र में फॉगिंग का कार्य नगर परिषद को दिया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र में फॉगिंग का कार्य पंचायत के पास होता है। जिले में 300 गांवों में से 250 के पास ही फॉगिंग मशीन है। गत दिनों पंचायत एवं विकास विभाग ने सभी पंचायत अधिकारियों को फॉगिंग करवाने के निर्देश जारी किए थे, लेकिन अभी तक कुछ ही गांवों में करवाई गई है। शहर की कई कॉलोनियों में फॉगिंग हुई है, मगर अभी भी काफी ऐसी हैं, जहां पर नहीं हुई है। जो बाहरी कॉलाेनियां हैं, उनकी गलियों में दूषित पानी भरा रहता है। इस पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग परेशान हैं। राम कॉलोनी में हर साल 30 के आसपास डेंगू के मरीज मिलते हैं। इसका मुख्य कारण यहां पर हमेशा भरा दूषित पानी है।
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प्रशासन ने आज तक न तो गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था की है और न ही फॉगिंग करवाई है। कई घरों में बुखार से पीड़ित मरीज हैं। निजी चिकित्सकों के पास जाते हैं तो प्लेटलेट्स कम बताते हैं। यहां पर मच्छर की भरमार हो गई है। शाम को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। -करतार, राम कॉलोनी।
खुद के प्रयास से कई बार पानी निकाला भी गया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। सीवर व्यवस्था बिल्कुल ठप पड़ी है। बारिश के बाद, तो यहां से पानी भरने से यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है। फॉगिंग करवाने की बात तो दूर आज तक यहां पर किसी सरकारी कर्मचारी ने आकर मच्छर का लार्वा तक नहीं चेक किया है। -अजय, राम कॉलोनी।
जहां पर डेंगू का मरीज मिलता है, वहां पर स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर फॉगिंग करवाता है। स्वास्थ्य विभाग का कार्य केवल दवाई उपलब्ध करवाने का है। शहरी क्षेत्र में नगर परिषद तथा ग्रामीण क्षेत्र में फॉगिंग करवाने का कार्य पंचायत का है। जो भी सरपंच या नगर परिषद के लोग फॉगिंग के लिए दवाई लेने आते हैं, तुरंत दे दी जाती है। -डॉ. रमेश पांचाल, जिला मलेरिया अधिकारी।
शहर की आधी से ज्यादा कॉलोनियों में फॉगिंग करवाई जा चुकी है। रूटीन में भी फॉगिंग करते हैं। स्वास्थ्य विभाग जहां ज्यादा जरूरत बताता है, वहां तुरंत फॉगिंग करवा दी जाती है। नियमित रूप से फॉगिंग करवाई जा रही है। -ऋषिकेश चौधरी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, जींद।
15जेएनडी20 : राम कॉलोनी निवासी युवक अजय। संवाद