25जेएनडी33: मरीज की जांच करते हुए डॉ. सुशील गर्ग। संवाद
उचाना। नागरिक अस्पताल में प्रदूषण के चलते आंखों, चेस्ट के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इन मरीजों में आंखों में एलर्जी, आंखों में जलन और खुजली की अधिक शिकायत है। डॉ. सुशील गर्ग ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण और हवा की खराब गुणवत्ता के कारण मरीज अधिक आ रहे हैं, जिन्हें आंखों में जलन, खुजली और पानी आने की अधिक शिकायत है। चेस्ट को लेकर भी शिकायत मरीजों को है। उन्होंने कहा कि वैसे मरीज जिनकी आंखें ड्राई थी, बढ़ते प्रदूषण के चलते उनकी आंखों में अधिक नमी रह रही है। अस्पताल में आने वाले मरीजों में इन दिनों आंखों, चेस्ट से संबंधित मरीजों की संख्या 30 प्रतिशत अधिक है। हवा में धूल के कारण आंखों में एलर्जी और इससे संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो रही है।
आंखों की रोशनी हो सकती है कम
डॉ. सुशील गर्ग ने बताया कि प्रदूषण की वजह नॉर्मल आंखों को अधिक परेशानी हो रही है। प्रदूषण की वजह से यह उन आंखों की शिकायतों को बढ़ा देता है, जिनमें सूखापन और एलर्जी की शिकायतें पहले से रहती है। अगर तुरंत इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इससे आंखों की रोशनी कम हो सकती है। इससे बचने के लिए लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप और धूप के चश्मे का उपयोग किया जा सकता है लेकिन आंखों के पूरी तरह से ठीक होने तक कॉन्टैक्ट लेंस और आंखों के मेकअप से बचना चाहिए। खुजली होने पर आंखों को रगड़ें नहीं। साफ पानी से आंखें धोएं।