संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अब राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी। क्योंकि अब शिक्षकों से शैक्षणिक कार्यों के अलावा कोई काम नहीं करवाया जाएगा। शिक्षा निदेशालय की तरफ से ऐसे आदेश जारी किए गए हैं ताकि विद्यार्थियों को शिक्षक अधिक से अधिक समय दे सकें।
जिले में सात माॅडल संस्कृति स्कूल हैं। इनमें छह प्राइमरी व एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल हैं। इसके अलावा जिलेभर में 700 से ज्यादा राजकीय स्कूल हैं, जिसमें लगभग पांच हजार शिक्षक कार्यरत हैं और 1800 से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं। राजकीय स्कूलों में एक लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। कई बार शिक्षकों की ड्यूटी अन्य कार्यों जैसे आधार कार्ड की त्रुटियां ठीक करने, परिवार पहचान पत्र में त्रुटियां ठीक करने, जनगणना, मतदान के अलावा अन्य सर्वे करने जैसे कार्यों में लगा दी जाती थी। इससे शिक्षकों के अन्य कार्यों में व्यस्त रहने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। इसका कई बार शिक्षक यूनियनें विरोध भी कर चुकी हैं। शिक्षक यूनियनों का कहना था कि शिक्षक से केवल शैक्षणिक कार्य ही लेना चाहिए। अन्य कार्यों में शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी जाती है, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। जब परीक्षा परिणाम आते हैं तो वह काफी कमजोर होते हैं, जिसका असर शिक्षकों पर पड़ता है। ऐसे में अब शिक्षा निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि माॅडल संस्कृति स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों से बिना अनुमति के गैर शैक्षणिक कार्य नहीं लिए जाए।
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माॅडल संस्कृति स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों से गैर शैक्षिक कार्य लेने पर रोक लगा दी गई है। इससे विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा। केवल शिक्षा का कार्य लेने से बेहतर परीक्षा परिणाम आएंगे। -सुरेंद्र खंड शिक्षा अधिकारी