संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। महाभारतकालीन जयंती देवी मंदिर के दरबार में अब हर उस पेट को भरपेट खाना मिलेगा, जो किन्हीं कारणों से भूखा रहने को मजबूर था। जयंती देवी मंदिर के दरबार में जो रसोई चलेगी, उसका चूल्हा सुबह से लेकर देर शाम तक चलता रहेगा। सिद्धपीठ शक्ति के दरबार में छोटी दिवाली पर रसोई का शुभारंभ किया गया। प्रतिदिन सुबह नौ से सायं सात बजे तक चलने वाली रसोई को मां का नाम दिया गया।
रसोई का शुभारंभ समाजसेवी विकास जैन की मां संतोष जैन ने पुजारी नवीन कुमार शास्त्री के सानिध्य में किया। संतोष जैन ने कहा कि जब कोई बच्चा भूख के कारण रोता है तो उसी समय मां उसका पेट भर देती है। यही सोच है कि जींद शहर की कुलदेवी माता जयंती देवी के दरबार में आने वाला कोई भी भूखा न रहे।
समाजसेवी विकास जैन ने कहा कि इस रसोई को मां का नाम दिया गया है। यहां प्रतिदिन कोई भी आकर भरपेट खाना खा सकता है। शहर में अनेक स्थानों पर जरूरतमंदों के लिए खाना परोसा जाता है। यह समाज के लिए सराहनीय है। किंतु कई बार तय समय के बाद आने वाले व्यक्ति को खाना नहीं मिल पाता और वह भूखा रह जाता है।
इसलिए मां जयंती के दरबार में ऐसी व्यवस्था की गई है कि सुबह से शाम तक रसोई का चूल्हा चलता रहेगा। मां के दरबार में आकर कोई भी भूखा नहीं रह सकता। इस खास अवसर पर मुकेश जैन, सुनील शांडिल्य, अशोक छाबड़ा,ओमप्रकाश शर्मा, राजेंद्र कौशिक ,सोमबीर मालिक, अंकित फोगाट, रोहित गोयल, अजय गर्ग, विक्रम मौजूद थे।