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अब छह माह के अंदर अवैध कॉलोनियां की जाएंगी वैध

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लोगों को कॉलोनियां नियमित करवाने के लिए प्रचार करते कर्मचारी। संवाद। - फोटो : Jind
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जींद। शहर में अवैध कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को जिला नगर योजनाकार विभाग ने राहत दी है। अब इन कॉलोनियों से अवैध का धब्बा हटने जा रहा है। विधानसभा सत्र के दौरान सीएम मनोहरलाल द्वारा इसे लेकर घोषणा की गई थी। इस घोषणा के बाद नगर परिषद, नगर पालिका की सीमा से बाहर पडने वाली अवैध कॉलोनियों को सरकार द्वारा नियमित करने को लेकर नगर तथा ग्राम आयोजन विभाग द्वारा रेग्यूलरेजाइजेशन पॉलिसी लाई है। इसके तहत नगर परिषद, नगर पालिका की सीमा से बाहर पड़ने वाली अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के लिए छह माह की समयावधि रखी गई है। अवैध कॉलोनियों को नियमित करवाने के लिए दस्तावेज भी जमा करवाने होंगे।
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कॉलोनियों को वैध करवाने के लिए जिला नगर योजनाकार विभाग ने कुछ नियम बनाए हैं। इन्हीं नियमों के तहत इन कॉलोनियों को वैध घोषित किया जा सकता है। लघु सचिवालय स्थित जिला नगर योजनाकार कार्यालय में दस्तावेज जमा करवाने होंगे। इसके लिए जिस व्यक्ति द्वारा कालोनी काटी गई है, कॉलोनी में बनी रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन आवेदन कर सकती है। कॉलोनी को नियमित करवाने के लिए एरिया नोरम नहीं रखे गए हैं। केवल वही कालोनी नियमित की जाएगी जो एक जुलाई 2022 से पहले बनी हो या एक जुलाई से पहले प्लाट बेचे गए हों।
ये कागजात होंगे अनिवार्य
कॉलोनी को वैध करवाने के लिए कॉलोनी में बेचे गए प्लाटों की रजिस्टरी, प्लाट मालिकों की सूची, अवैध कॉलोनी का सिजरा, बेस्ड सर्वे प्लान, जिस गांव कस्बे में कॉलोनी है, उसको गूगल सेटेलाइट इमेज पर मार्क करना होगा, अवैध कॉलोनी का ले आउट प्लान जिस पर कॉलोनी की बाउंडरी, बने हुए प्लाट, बेचे हुए प्लाट, खाली प्लाट, एक्जाइटिंग कम्युनिटी साइट, पार्क, स्कूल, डिस्पेंसरी, मंदिर, कम्युनिटी सेंटर, बिजली की तारें, पाइप लाइन, सीवरेज लाइन, गैसपाइप लाइन, सरकारी भूमि आदि को उनकी लंबाई-चौड़ाई आदि व एरिया के साथ संक्षेप में दिखाया गया हो। कालोनी में प्रदान की गई सर्विस जैसे सड़क, पानी की लाइन, सीवरेज की लाइन, बिजली के खंभे आदि का सर्विस प्लान, अंडर टेकिंग शपथ पत्र जिस पर लिखा हो कि जो भी डेवलेपमेंट चार्ज होगा, वह सरकार को जमा करवाएगा। खाली जगह का दस प्रतिशत कलेक्टर रेट व बनी हुई जगह का पांच प्रतिशत कलेक्टर रेट होगा।
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विभाग चला रहा जागरूकता अभियान
अवैध कॉलोनियों को नियमित करवाने के लिए जिला नगर योजनाकार विभाग (डीटीपी) ने प्रचार अभियान चलाया है। अभियान के तहत कालोनियों के निकट, शहर में, कार्यालय के बाहर तथा नगर परिषद क्षेत्र में पोस्टर चस्पा किए गए हैं। जिन पर कॉलोनियों को नियमित करवाने व नियमित करवाने से संबंधित दस्तावेज की जानकारी दी गई है।
34 कॉलोनियों को किया जा सकता है नियमित
जिला नगर योजनाकर विभाग द्वारा ड्रोन से सर्वे करवाया गया था। सर्वे के आधार पर 34 ऐसी कॉलोनियों की पहचान हुई है, जिनको नियमित किया जा सकता है। सरकार द्वारा ऐसी अवैध कॉलोनियों को नियमित किया जाना है, जिनमें 50 प्रतिशत कॉलोनियां विकसित हो चुकी हों। शहर में इस समय 118 कॉलोनियां नियमित हैं। शहर की जनसंख्या लगभग तीन लाख है। 2018 में भी 70 कॉलोनियों को नियमित किया गया था।
जिस भी कॉलोनाइजर, सोसाइटी और वेलफेयर संचालक को कॉलोनी वैध करवानी है, उसे अपना आवेदन और दस्तावेज जिला नगर योजनाकार विभाग के कमरा नंबर 415 में जमा करवाना होगा। जिस व्यक्ति द्वारा कॉलोनी काटी गई है या कॉलोनी में बनी रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन ही इसके लिए आवेदन कर सकती है।
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-अरविंद ढुल, जिला नगर योजनाकार।
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