जींद। जिले में पेयजल की गुणवत्ता की जांच के लिए जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा वैन को रवाना किया जाएगा। इसके लिए जनस्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय की तरफ से प्रदेश के 13 जिलों का शेड्यूल तैयार किया गया है। शेड्यूल के अनुसार यह यात्रा पलवल से शुरू होकर मार्च 2025 में अंबाला में शुरू होगी।
इस यात्रा में एक वैन चलेगी जिसमें जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शामिल होंगे। यह इन जिलों के प्रत्येक गांव में जाकर पानी के नमूनों की जांच करेगी। राज्य चलित जल गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से पानी की जांच की जाएगी। परीक्षण का कार्य दो वर्ष के लिए आवंटित किया गया है। शुरूआत में उन क्षेत्रों को जल परीक्षण की जांच को प्राथमिकता दी गई है। जहां पर जल स्रोतों के दूषित होने की संभावना है या जहां प्रदूषण ज्यादा होता है। इसको लेकर विभाग संबंधित कार्यकारी अभियंता अपने एसडीई, केमिस्ट और जिला सलाहकार डब्ल्यूएसएसओ के परामर्श से गांवों के कार्यक्रम निर्धारित करेंगे। इसमें एक ही मार्ग के पांच से छह गांवों को वैन द्वारा प्रतिदिन कवर किया जाना है। पेयजल की जांच के लिए बीआरसी की लैब के कर्मियों को साथ रहने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल लैब वैन के जिले में पहुंचने से पहले ही शैड्यूल तैयार किया जाएगा।
यह है सभी जिलों का शेड्यूल
यह लैब वैन पलवल जिले को दिसबंर माह में पूरा करेगी। इसके बाद रेवाड़ी में जनवरी 2024, फरवरी में नारनौल, मार्च में गुरूग्राम, अप्रैल में झज्जर, मई में रोहतक, जून में भिवानी, जुलाई व अगस्त में जींद, सितंबर में हिसार, अक्तूबर में सिरसा, दिसबंर में कैथल, जनवरी 2025 में सोनीपत व फरवरी और मार्च में अंबाला जिले मेें लैब वैन द्वारा पेयजल की जांच की जाएगी।
२२जेएनडी०७: रणधीर मताना। संवाद।