संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। डीसी डॉ. मनोज कुमार ने बैंक के अधिकारियों की बैठक लघु सचिवालय के सभागार में लेकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के खाते खोलकर निर्धारित समय में योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ देने में किसी भी बैंकर्स की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीसी डॉ. मनोज कुमार ने बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी बैंकर्स को निर्देश देते हुए कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के तहत बैंकों से पात्र व्यक्तियों व परिवारों को ऋ ण व वित्तीय सहायता दी जाती है। बैंक अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि योजनाओं के तहत किसी भी प्रकार के ऋ ण या वित्तीय सहायता में विलंब न हो। योजनाओं में पात्र लोगों को ऋ ण व वित्तीय सहायता संबंधी कोई दिक्कत न आए, इसके लिए अधिकारी गंभीरता से कार्य करें। इसके अलावा ऋ ण व वित्तीय सहायता के लंबित आवेदनों का शीघ निपटान कर अपनी रिपोर्ट भेजें। डीसी ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), अटल पेंशन योजना (एपीवाई), मुद्रा योजना सहित विभिन्न योजनाओं को लेकर बैंकर्स से रिपोर्ट ली और समीक्षा की। इसके अलावा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी), एचएसएफसीडी, एनयूएलएम, एनआरएलएम आदि में लंबित आवेदनों को जल्द से जल्द निपटान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी बैंकर्स को सुरक्षा प्रबंधों के बारे में आवश्यक दिशा निर्देश दिए और कहा कि सभी बैंक अपने लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पशु पालन और कृषि क्षेत्र को उन्नत बनाने में बैंकों की ऋ ण योजनाएं इस क्षेत्र के लिए कारगर साबित हो सकती हैं। इसलिए छोटे किसानों की आर्थिक दशा सुधारने में बैंक के अधिकारी सकारात्मक प्रयास करें। अग्रणी जिला प्रबंधक एचसी अहलावत ने बताया कि आत्मनिर्भर, शिशु ऋ ण, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना एवं पशु किसान के्रडिट कार्ड भारत सरकार की प्रमुख योजनाएं हैं तथा इनका लाभ देने में सभी बैंक अपनी सक्रियता दिखाएं।