जींद। शहर की नई अनाज मंडी में सरसों की खरीद शुरू होने के बाद पहले दिन मंगलवार को सरकारी खरीद नहीं हुई। इसका कारण रहा कि सरसों का किसी भी किसान ने गेट पास नहीं कटवाया। सरसों को सरकार भाव पर बेचने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का पंजीकरण करवाना अनिवार्य होता है। इसके विपरित मंडी में प्राइवेट बोली पर 225 क्विंटल सरसों की खरीद हुई।
मंडी में खरीद शुरू होने के पहले दिन हैफेड की खरीद थी। खरीद के लिए जहां मंडी में हैफेड का कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा तो किसान भी कोई मंडी में सरकारी रेट पर सरसों बेचने के लिए नहीं आया। सरकारी रेट पर उन किसानों से सरसों खरीदी जाएगी, जिन्होंने अपनी फसल का ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया हुआ है। जिन किसानों ने पंजीकरण नहीं करवाया, उनको प्राइवेट रेट पर ही सरसों बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। फिलहाल मंडी में आने वाली सरसों में नमी की मात्रा 16 से 18 प्रतिशत आ रही है। जिसके कारण मंडी में आने वाली अधिकतर सरसों को सुखाया जा रहा है। इसके बाद प्राइवेट बोली पर सरसों की खरीद होती है। मंगलवार को मंडी में सरसों की खरीद नमी की मात्रा के अनुसार 4700 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल तक हुई। मार्केट कमेटी सचिव ने बताया कि मंडी में खरीद के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं। खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसान की फसल को मंडी में आते ही खरीदा जाए। खरीद शुरू होने के बाद मंडी में पहले दिन कोई किसान सरसों लेकर नहीं पहुंचा। जिन किसानों ने पंजीकरण नहीं करवाया है। वह अपनी सरसों को प्राइवेट बोली पर बेच रहे हैं।