धर्मकांटे पर रुके मजदूर खाना नहीं मिलने के बारे में जानकारी देते हुए।
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प्रशासन द्वारा शेल्टर होम में रहने वाले मजदूरों को खाना खिलाने की व्यवस्था नहीं सुधार पा रहा है। खाना समय पर नहीं मिलने के कारण लोगों को भूखों रहना पड़ रहा है। मंगलवार को सब्जी मंडी के नजदीक एक धर्मकांटे पर रुके उत्तर प्रदेश के मजदूरों ने बताया कि उनको सुबह का खाना दोपहर बाद दो बजे मिला। इसकी वजह से उन्हें सुबह से भूखे पेट रहकर खाने का इंतजार करना पड़ा। मजदूरों ने बताया कि अभी तक अपने जानकारों और आढ़तियों से उधार के पैसे लेकर वह खाना खा रहे थे। लेकिन अब उनके पास भी पैसे नहीं रह गए हैं। उनका भी कहना है कि बिना काम किए उधारी के पैसे भी ज्यादा बार नहीं मिलेंगे। इसके चलते उनको लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों ने कहा कि यदि प्रशासन उनको समय पर खाना नहीं दे सकता तो उनको घर जाने की अनुमति दे, ताकि वह अपने घर जाकर इस समस्या से निपट सकें। मजदूरों ने बताया कि जब दोपहर बाद तक खाना नहीं मिला तो उन्होंने किसी प्रकार से उधार के पैसे लेकर खुद ही खाना बनाया। अपने पेट की भूख को शांत किया। इस प्रकार की व्यवस्था से लगातार उनको परेशानी हो रही है। मजदूरों ने बताया कि शनिवार को एक समय का खाना प्रशासन ने पहुंचाया था। इसके बाद रविवार को भी एक समय का तैयार खाना और कुछ सूखा सामान दिया। मंगलवार दोपहर को खाना पहुंचाया गया तो मजदूरों ने मांग की कि उनको उचित मात्रा में सूखा सामान दिया जाए ताकि वह खाना बनाकर अपनी भूख को मिटा सकें या फिर समय पर खाना उपलब्ध करवाया जाय।