जींद। नरवाना ब्लॉक के गांव रोजखेड़ा गांव से सरपंच व पंच के लिए ग्रामीणों ने कोई आवेदन नहीं किया। गांव में कुल 441 वोट हैं। यहां एससी समाज के नौ वोट हैं जबकि उनकी आबादी 19 है। इसी प्रकार बीसी के छह वोट हैं, जिनकी आबादी 10 है। इसके बावजूद गांव में सरपंच का पद एससी महिला के लिए आरक्षित कर दिया। गांव में कोई भी एससी महिला सरपंच पद के लिए पात्र नहीं है। ग्रामीणों ने बीडीपीओ से लेकर डीसी तक शिकायत की लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकला। इसी विरोध स्वरूप गांव से किसी भी व्यक्ति ने न तो सरपंच के लिए और न ही पंच के लिए आवेदन किया।
ग्रामीणों ने उच्चतम न्यायालय में डाली याचिका, सुनवाई कल
गांव के पूर्व सरपंच रणधीर सिंह ने बताया कि गांव में जब सरपंच का पद एससी महिला के लिए आरक्षित किया था, तभी से गांव के लोग बीडीपीओ से लेकर डीसी तक मिले थे। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी अपील उच्चत्तम न्यायालय में की। अब उच्चतम न्यायालय में 21 अक्तूबर की तारीख लगी है। उन्होंने बताया कि गांव में कुल 441 मतदाता हैं। इनमें से नौ मतदाता एससी समाज से हैं जबकि छह मतदाता बीसी समाज से हैं। गांव में पूर्ण रूप से सभी लोगों का भाईचारा है। गांव में छह वार्डों के लिए पंच चुने जाते हैं। इनमें से एक वार्ड बीसी के लिए तथा एक वार्ड एससी के लिए रिजर्व कर दिया। इन सबसे ऊपर सरपंच का पद एससी महिला के लिए आरक्षित करना सरकार गलत किया है। गांव के लोगों ने इसके लिए नरवाना में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को भी अपनी आपत्ति जताई लेकिन उन्होंने कोई समाधान नहीं निकाला।