जींद। डिपो प्रबंधन और यात्रियों को राहत देने वाली खबर है। रोडवेज डिपो में शुक्रवार को नौ नई बसें ओर शामिल हो गई। जुलाई के अंतिम चरण तक दस नई बसें ओर आने की संभावना है, जिससे रोडवेज डिपो का बेड़ा ओर मजबूत हो जाएगा। नई बसों की पासिंग और बीमा करवाकर रोडवेज इनको लंबे रूटे चंडीगढ़, दिल्ली, गंगानगर, गुरुग्राम, जयपुर और कुरुक्षेत्र रूट पर चलाया जाएगा। पिछले दो महीनों में डिपो को 43 नई बसें मिल चुकी है। अब डिपो में कुल 154 रोडवेज बसें हो चुकी है। हालांकि पिछले पांच वर्ष से लगातार बसे कंडम होती जा रही थी जबकि नई बसों को खरीदा नहीं जा रहा था। इस कारण यात्रियों को रोडवेज बसों की सुविधा से वंचित होना पड़ रहा था। बसों की लगातार संख्या कम होने से कई रूटों की सेवा बंद हो गई थी। वहीं अब जिन रूटों पर विभाग ने बसों को चलाने की योजना बनाई है। वहां पर बसों की कमी के कारण शाम को चार बजे के बाद बसों के पहिए थमना शुरू हो जाते हैं। सात बजे के बाद अधिकतर रूटों पर बस सेवा नहीं है। कुरुक्षेत्र जाने के लिए यात्रियों को वाया कैथल होकर जाना पड़ता था। गुरुग्राम जाने के लिए भी यात्रियों को दो से तीन बसें बदलनी पड़ रही थी। इससे समय लोगों के समय की बर्बादी हो रही थी। अब रूट पर चार बजे के बाद बसें मिलने के बाद यात्रियों को राहत मिलेगी। यात्री अपने गंतव्य तक सफर आसानी से तय कर सकेंगे। नॉर्म के अनुसार रोडवेज डिपो में 200 बसें होनी चाहिए, लेकिन अब बसों की संख्या 154 बसें हो गई है। 46 बसों की अब भी डिपो में कमी है। इनमें किलोमीटर स्कीम की 37 बसें शामिल हैं।
कोट
जींद डिपो को नियम के अनुसार बसें मिलनी चाहिए। ताकि यात्रियों को आने जाने में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। गांव से शहर तक हर गांव में बस सेवा उपलब्ध हो सके। डिपो में नई बस आने पर सरकार का धन्यवाद भी करते हैं। सरकार से मांग भी करते हैं कि बसों के साथ विभाग में पक्की भर्ती की जाए। ताकि आने वाली युवा पीढ़ी को भी रोजगार मिल सके।
संदीप रंगा, राज्य उपप्रधान, रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ।
वर्जन
रोडवेज डिपो में शुक्रवार को नौ नई बसें शामिल हो गई हैं। अगले सप्ताह तक 10 बसें और डिपो में शामिल होने की उम्मीद है। यात्रियों की सुविधा के अनुसार बसों का संचालन किया जाएगा। लंबे रूटों पर नई बसों को चलाया जाएगा। ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके।
कमलजीत सिंह, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो जींद।