एचसीएस अधिकारी बनी बड़ौदा गांव की नीतू।
संवाद न्यूज एजेंसी
उचाना। माता व पिता के खोने के बाद भी बड़ौदा गांव की नीतू जांगड़ा ने हिम्मत नहीं हारी। मां कैलाशो के सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की। नीतू ये मेहनत की रंग लाई। एचसीएस के लिए चयन होने से मां का सपना नीतू ने पूरा किया। बड़ौदा गांव की बेटी नीतू उन युवाओं के लिए सीख है जो जीवन में समस्याओं को बाधा मानकर हौसला तोड़ देते हैं अपने लक्ष्य बीच में छोड़ देते हैं। नीतू ने बताया कि उसकी जिंदगी में एक के बाद एक बड़े हादसे हुए। इन हादसों के बाद भी वो अपने लक्ष्य पर अडिग रही। महज 12 साल की उम्र में 2008 में अपने पिता को खो दिया। इस हादसे से जैसे उभरी तो 2021 में सिर से मां कैलाशो देवी का साया उठ गया। दादा किशन लाल जांगड़ा ने कहा कि पोती नीतू ने परिवार का ही नहीं बल्कि गांव, जिले का नाम रोशन करने का काम किया है। बेटी भी बेटे की तरह निरंतर माता-पिता का नाम रोशन कर रही है। पोती के एचसीएस अधिकारी बनने से गर्व महसूस हो रहा है। हर किसी को चाहिए कि वो बेटियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।