संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। स्वास्थ्य विभाग तंबाकू के खिलाफ अभियान चला रहा है। लोगों को तंबाकू से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा रहा है। अस्पताल में तंबाकू से मुक्ति के लिए केंद्र भी शुरू हो गया है लेकिन अस्पताल के कर्मचारी अस्पताल परिसर में ही हुक्का गुड़गुड़ा रहे हैं। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आयुष विभाग के एक फार्मासिस्ट को हुक्का पीते हुए पकड़ा और उसका चालान किया। दो दिन में अस्पताल परिसर में धूम्रपान करते हुए टीम 22 लोगों के चालान कर चुकी है।
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला तथा तंबाकू मुक्ति केंद्र के प्रभारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रमेश पांचाल ने मंगलवार व बुधवार को नागरिक अस्पताल में धूम्रपान करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाया। मंगलवार को 12 तथा बुधवार को दस लोग नागरिक अस्पताल परिसर में धूम्रपान करते हुए पाए गए। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इन लोगों के चालान किए। कमाल की बात यह है कि इन 22 लोगों में पांच तो स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही शामिल हैं। जब खुद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अस्पताल परिसर में ही धूम्रपान कर रहे हैं तो फिर अन्य लोगों को कैसे रोका जा सकता है। बुधवार को जब स्वास्थ्य विभाग ने जांच की तो यहां एक फार्मासिस्ट हुक्का गुड़गुड़ाते मिला। हुक्के के लिए यहां आग भी सुलगाई जाती है। डॉ. रमेश पांचाल ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना अपराध है। इसके लिए जुर्माना किया जाता है। फरवरी में यह अभियान चलाया जाएगा। यदि भविष्य में कोई भी कर्मचारी अस्पताल परिसर में धूम्रपान करता मिला तो उससे जुर्माना तो वसूला ही जाएगा, साथ ही उसके खिलाफ निर्देशों का पालन नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। इस मौके पर देवेंद्र, नसीब, विनोद, पुलिस विभाग से अमी सिंह व राकेश मौजूद रहे।
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कोई भी व्यक्ति अस्पताल परिसर में धूम्रपान नहीं कर सकता। ऐसे लोगों के चालान किए जाते हैं। यदि स्वास्थ्य कर्मचारी खुद ऐसा करेंगे तो इसका असर आम जनता पर गलत पड़ेगा। भविष्य में कोई भी स्वास्थ्य कर्मचारी अस्पताल परिसर में धूम्रपान करता मिला तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।-डॉ. मंजू कादियान, सिविल सर्जन।