19जेएनडी05: जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद इमरान रजा। स्रोत प्रशासन
जींद। जिला निर्वाचन अधिकारी मोहम्मद इमरान रजा ने बताया कि लोकसभा आम चुनाव के दौरान गलत सूचना के प्रचार-प्रसार से निपटने और चुनाव प्रक्रिया की गरिमा व अखंडता को बनाए रखने के लिए भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की ओर से मिथ और रियलिटी पर आधारित ऑनलाइन प्लेटफार्म मिथक बनाम वास्तविकता रजिस्टर की शुरुआत की है। यह एक वन स्टॉप प्लेटफार्म है, जो भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि यह पहले चुनावी प्रक्रिया को गलत सूचना से बचाने के लिए ईसीआई के चल रहे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। विश्वस्तर पर कई लोकतांत्रिक देशों में गलत सूचना और झूठी कहानियों के प्रसार की बढ़ती चिंता को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग का यह प्रयास है कि मतदाताओं को पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान स्टीक, प्रमाणित और सत्यापित जानकारी मिले। मिथक बनाम वास्तविकता रजिस्टर चुनाव अवधि के दौरान प्रसारित मिथक जानकारियां और झूठी खबरों को दूर करने के लिए तथ्यात्मक जानकारी के एक व्यापक भंडार के रूप में कार्य करेगा।
उन्होंने बताया कि इस प्लेटफार्म को उपयोगकर्ता के अनुकूल डिजाइन किया गया है। यह व्यापक रूप से ईवीएम, वीवीपैट, मतदाता सूची, मतदाता सेवा, चुनाव के संचालन और अन्य विषयों से संबंधित मिथक जानकारियों और गलत सूचनाओं के क्षेत्रों को कवर करता है। यह रजिस्टर पहले से ही उजागर चुनाव संबंधी फर्जी जानकारी, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारित होने वाले संभावित मिथक जानकारियों, महत्वपूर्ण विषयों पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न और सभी हितधारकों के लिए विभिन्न अनुभागों के तहत संदर्भ सामग्री प्रदान करता है। रजिस्टर को नियमित आधार पर अपडेट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी हितधारकों को किसी भी चैनल के माध्यम से प्राप्त किसी भी संदिग्ध जानकारी को मिथक बनाम वास्तविकता रजिस्टर में दी गई जानकारी से सत्यापित और पुष्टि करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।