संवाद न्यूज एजेंसी
नरवाना। नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन कैलाश सिंगला ने कहा कि शहरों के समुचित विकास और नगर निकाय प्रणाली में पार्षदों की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार आए दिन अपने तुगलकी फरमान से नगर निकाय प्रणाली पर प्रहार कर रही है, जिससे शहरों और नगरों के विकास पर बुरा असर पड़ा है।
प्रदेशभर के नगर पार्षद मांगों के लिए 15 सितंबर को भिवानी में एकत्रित होंगे और उपरोक्त मांगों के लिए सरकार को सचेत करेंगे। यदि फिर भी सरकार ने इन मांगों को नहीं माना तो पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। बुधवार को वह अपने आवास पर पार्षदों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद से ही शहरों के विकास कार्य ठप पड़े हैं।
शहरों में सफाई पेयजल, स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाएं भी नदारद हैं। शहर की सड़कें और गलियां टूटी-फूटी पड़ी हैं। शहरों की जनता फैमिली आईडी, प्रॉपर्टी आईडी के लिए रोजाना कतारों में लगी है लेकिन समस्या निवारण के बजाय उन्हें केवल धक्के नसीब हो रहे हैं। उन्होंने भाजपा जजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने पार्षदों के अधिकारों को सीमित कर दिया है। पार्षदों को अपने वार्ड में विकास कार्यों के लिए फंड मुहैया नहीं करवाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों को अपने-अपने वार्डों में हर साल पांच लाख तक का विभागीय कार्य करवाने का बजट दिया जाए, सभी पार्षदों के साथ कोई भी भेदभाव ना हो, सभी पार्षदों की पेंशन बननी चाहिए, सभी पार्षदों का महंगाई को देखते हुए पार्षद को मिलने वाले भते मे बढ़ोतरी होनी चाहिए, हरियाणा के हर कार्यालय में पार्षदों को पूरा सम्मान मिलना चाहिए, पार्षदों का हरियाणा मे बसों में किराया माफ होना चाहिए, हरियाणा में पार्षदों के लिए टोल प्लाजा माफ होना चाहिए। इस अवसर पर पार्षद आशुतोष शर्मा, चरणजीत मिर्धा, डॉ संजय, बलजीत चोपड़ा, विनोद राईका, सत्यवान बेदी, सोनू कुमार भी मौजूद रहे।